'हमसे बड़ा गुंडा कौन है? मुख्तार-बृजेश-धनंजय सिंह हमारे यहां दरबार लगाते हैं, आपको कोई आंख दिखाता है तो उसकी दूसरी आंख...', बांदा में गरजे ओपी राजभर
उत्तर प्रदेश के बांदा में एक महारैली को संबोधित करते सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने आप को सबसे बड़ा 'गुंडा' बताया है। इस दौरान उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना भी साधा।
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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार (3 नवंबर) को बांदा जिले में महारैली में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए।
रैली को संबोधन करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने खुद को सबसे बड़ा 'गुंडा' बताते हुए कहा कि अगर कोई आंख दिखाएगा, उसकी दूसरी आंख को निकालने की क्षमता भी रखते हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह जैसे माफिया का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग मेरे यहां दरबार लगाते हैं।
मुख्तार-बृजेश-धनंजय सिंह हमारे यहां दरबार लगाते हैं-ओपी राजभर
बांदा में महारैली को संबोधन करते हुए राजभर ने बोला कि 'आज पहली बार आपके बांदा में आया हूं और सुना है कि यहां बहुत बड़े गुंडा रहते हैं। आगे उन्होंने कहा कि बताइये कि हमसे बड़ा 'गुंडा' इस देश में कौन है? उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह जैसे माफिया का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग मेरे यहां दरबार लगाते हैं। हमसे बड़ा गुंडा कौन है।'
सपा प्रमुख पर पीडीए को लेकर सवाल
अपने भाषण के दौरान सुभासपा के अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधते हुए पीडीए फार्मूले पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश को सबसे पहले पीडीए की परिभाषा स्पष्ट करनी चाहिए।
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उन्हें सपा से पूछा कि 'पी' का मतलब पंडित है या पिछड़ा, 'डी' का मतलब डिंपल है या दलित और 'ए' का मतलब अगड़ा है या अल्पसंख्यक। इस दौरान विपक्ष के वोट डलवाने की पुरानी व्यवस्था पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष के लिए अब संभव नहीं, इसलिए वे परेशान हैं।
कांग्रेस के पास कोई काम नहीं
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी के पास करने के लिए कोई वास्तविक काम नहीं है। उन्हें यह भी नहीं पता कि अपने आरोपों को कैसे साबित करें। जब भी वे कोई आरोप लगाते हैं और उनसे सबूत मांगा जाता है, तो वे बस वहां से भाग जाते हैं।”