पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने को लेकर क्या है सरकार की तैयारी? मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया ये जवाब

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा संबंधी मजबूती पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, संकट के बीच भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार तथा 45 दिनों का एलपीजी का भंडार मौजूद था।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
 oil prices Union Minister Hardeep Singh Puri
पेट्रोल-डीजल के दाम कब कम होंगे? मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया जवाब | Image: ANI

पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार, 2 जुलाई को कहा कि 'मैंने कल मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से संबंधित समीक्षा की। हमारे पास कई परियोजनाएं हैं जो उन्नत चरण में हैं, जिनमें रिफाइनरियां भी शामिल हैं, जिन्हें अगले 6 से 12 महीनों में लागू किया जाएगा और इससे हमारी शोधन क्षमता 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि तेल रिफाइनिंग क्षमता को लगभग 270 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 300 MTPA कर देगा। यह एक उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण आंकड़ा है।

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बनेगा

पश्चिम एशिया संकट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि 'सरकार दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए घरेलू शोधन संयंत्रों के व्यापक विस्तार को बढ़ावा दे रही है। मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में पूंजीगत व्यय की समीक्षा से पुष्टि हुई है कि अगले 6 से 12 महीनों में कई उन्नत चरण की परियोजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी।

आगे उन्होंने कहा कि इससे हमारी शोधन क्षमता बढ़कर 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी। यह एक उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण आंकड़ा है। इस विस्तार के एक हिस्से के रूप में 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली एक नई परियोजना शामिल है, जिसमें 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की पेट्रोकेमिकल क्षमता होगी।

कुल 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह आगे कहा कि अप्रैल-जून 2026 की अवधि में पेट्रोल, डीजल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को 30 जून तक कुल 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह नुकसान ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इनपुट लागत बढ़ने की वजह से हुआ। हालांकि, इस बीच सरकार ने उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती करने का फैसला किया है।

Advertisement

अभी तेल की कीमतें कम होने में लगेगा समय

उन्होंने कहा 'दस साल के अंतराल के बाद हम पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी स्थापित कर रहे हैं। पिछली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी, पारादीप रिफाइनरी, 2016 में चालू की गई थी। वैश्विक संदर्भ में, मैं इसे अत्याधुनिक तकनीक और उच्च दक्षता वाले उत्पादन के साथ एक अत्याधुनिक रिफाइनरी मानता हूं। आगे उन्होंने आगे कहा, आने वाले समय में यह मालूम चल जाएगा कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में क्या अंतर होता है, जिससे कीमतें कम होने की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

ये भी पढ़ें: रक्षा से लेकर AI तक... भारत-जापान में ऐतिहासिक समझौता, PM मोदी बोले- यह भविष्य की 'असीमित साझेदारी'
 

Advertisement
Published By:
 Sahitya Maurya
पब्लिश्ड