'जो हो रहा है होने दीजिए, भगवान देख लेंगे...', Republic Plenary Summit के मंच पर ऐसा क्यों बोले गुरुदेव श्री श्री रविशंकर?

आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने रिपब्लिक के मंच पर कुछ अहम विषयों पर अपने विचार रखे।

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Republic Plenary Summit 2025
Republic Plenary Summit 2025 | Image: Republic

Republic Plenary Summit 2025: देश के सबसे बड़े न्यूज इवेंट रिपब्लिक भारत के 'रिपब्लिक प्लेनरी समिट 2025' का आगाज हो चुका है। रिपब्लिक मीडिया के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर  के साथ दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कुछ अहम विषयों पर अपने विचार रखे।

रिपब्लिक मीडिया के एडिटर इन चीफ ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का मंच पर स्वागत किया। उन्होंने समिट में आध्यात्मिक गुरु की उपस्थिति पर खुशी जाहिर की। इस मौके पर गुरुदेव ने स्वीकृति, कट्टरपंथी, सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर बात की।

दो तरह की स्वीकार्यताएं हैं- गुरुदेव

स्वीकृति कि Philosophy भारत की असीम क्षमता के पीछे प्रेरक शक्ति रहा है और भविष्य में इसके असीम विकास के पीछे प्रेरक शक्ति बन सकता है? इस सवाल के जवाब में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने जबाव देते हुए कहा कि 'वह इस बात पर यकीन करते हैं। दो तरह की स्वीकार्यताएं हैं। एक Passive यानि कि जो हो रहा है होने दें और दूसरी वो जिसमें आप कार्य करने के लिए स्वीकार करते हैं। सनातन धर्म उस तरह की स्वीकार्यता के लिए खड़ा है, जो आपको पीछे हटने या आत्मसंतुष्ट होने नहीं देता... बल्कि गतिशील होने और आगे देखने की अनुमति देता है।'

'हमार देश कभी कट्टरपंथी नहीं रहा'

उन्होंने आगे कहा, 'हम कभी कट्टरपंथी नहीं हो सकते। कट्टरता तब शुरू होती है जब आप सोचना-समझना बंद कर देते हैं। हमारा देश कभी कट्टरपंथी नहीं रहा। हमने हमेशा स्वतंत्र सोच, मौलिक सोच और जड़ों का सम्मान करने को प्रोत्साहित किया है।'

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'अंदरूनी कलह के कारण भारत पर…'

भारत के इतिहास में चुनौतीभरे पलों (ब्रिटिश राज, मुगलों का शासन) के बारे में बात करते हुए गुरुदेव ने कहा कि ‘मैं इस बारे में एक शब्द कह सकता हूं, जो कि ‘अंदरूनी कलह’ है। अगर अंदरूनी कलह न होती, लोग एकजुट होते तो ऐसा कभी नहीं होता। अगर हम एकजुट होते तो ब्रिटिश सैनिक और मुगल कभी भी हमारे देश पर कब्जा नहीं कर सकते थे।’

हम सांस्कृतिक जड़ों से दूर हो गए हैं?

क्या हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूर हो गए हैं? इसके जवाब में गुरुदेव ने कहा कि ‘बेशक। नेताओं और आध्यात्मिक गुरुओं ने लोगों तक आध्यात्मिकता पहुंचाने के बजाय,  लोगों के उनके पास आने का इंतजार किया। लेकिन जब देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है, तो धार्मिक या आध्यात्मिक नेताओं को लोगों के पास जाकर उन्हें जागरूक करने की जरूरत है। हमें लोगों को Passive बनाने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना होगा। सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं रह सकते कि जो हो रहा है होने दो, भगवान देख लेंगे। इस प्रकार के रवैये ने भी हमारे इतिहास में बांधा पैदा की।’

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समिट में ये हस्तियां होगी शामिल

बता दें कि 'रिपब्लिक प्लेनरी समिट 2025' का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। इस समिट में आध्यात्मिक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के अलावा राजनीतिक, खेल, मनोरंजन समेत अन्य जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत करेंगी। आयोजन में अगली गेस्ट साइंटिस्ट अर्चना शर्मा शिरकत करेंगी। इसके अलावा समिट में नितिन गडकरी, हरदीप सिंह पुरी, अश्विनी वैष्णव, दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, अक्षय कुमार और सोनू निगम समेत कई बड़ी हस्तियां शामिल होगी। 

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड