West Bengal Budget: पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, DA में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी; शुभेंदु सरकर ने दिया बड़ा तोहफा
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने विधानसभा अपना पहला बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 'विकसित भारत और विकसित बंगाल' है।
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पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने विधानसभा अपना पहला बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 'विकसित भारत और विकसित बंगाल' है। बजट भाषण के दौरान पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता और सरकारी कर्मचारियों की जेब पर सकारात्मक असर डालने वाली हैं।
इस बजट की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित हाइलाइट रही राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) में की गई ऐतिहासिक बढ़ोतरी। लंबे समय से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों को सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे उनके वेतन में बंपर इजाफा होने जा रहा है। डीए में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का ऐलान किया है, जिनमें 33 प्रतिशत महिलाओं की नियुक्ति होगी।
MLA फंड 70 लाख से बढ़ाकर किया एक करोड़ रुपये
वित्त मंत्री स्वप्न ने बताया कि राज्य पर कुल 8,15,891 करोड़ का कर्ज है। लेकिन विकास की गति न रुके इसके लिए विधायक फंड को 70 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है। मुर्शिदाबाद में जमीन के कटाव को रोकने के लिए 50 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
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बंगाल में महिलाओं के लिए सौगातें
- महिला योजना- 'अन्नपूर्णा भंडार' के लिए ₹3600 करोड़ आवंटित
- कॉलेजों और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में अविवाहित महिलाओं को पढ़ाई छोड़ने से रोकने के लिए एक बार में 50,000 दिए जाएंगे।
- आने वाले दिनों में अनुमंडल-वार महिला पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे।
- विधवाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता में 500 की बढ़ोतरी।
- महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा के लिए 550 करोड़ आवंटित।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत 3,100 करोड़ रुपये के फंड का आवंटन।
एक लाख खाली पदों पर होगी भर्ती
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एक लाख खाली पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। इसमें पुलिस विभाग के लिए 20,000 कर्मियों और 50,000 शिक्षकों व शिक्षा कर्मचारियों की भर्ती शामिल है। जहां लागू हो, वहां 10 प्रतिशत रिक्तियां 'अग्निवीरों' के लिए आरक्षित होंगी। सरकारी पदों पर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में पहले ही पांच साल की छूट दी जा चुकी है, और यह प्रावधान अगले दो वर्षों तक लागू रहेगा।