Wayanad Landslide: वायनाड भूस्खलन में अब तक 143 मौतें, अभी भी कीचड़ में मिल रही लाशें; रेस्क्यू जारी
इससे भी ज्यादा दुखद और क्या ही होगा कि रेस्क्यू टीम लोगों की जान बचाने के लिए भाग रही है, साथ ही यहां वहां मिल रहे शरीर के अंग यकीनन किसी का भी दिल दहला दें।
- भारत
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Wayanad Landslide: वायनाड में मूसलाधार बारिश से हुए बड़े पैमाने पर भूस्खलन में अब तक 143 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे भी ज्यादा दुखद और क्या ही होगा कि रेस्क्यू टीम लोगों की जान बचाने के लिए भाग रही है, साथ ही यहां वहां मिल रहे शरीर के अंग यकीनन किसी का भी दिल दहला देने वाले बताए जा रहे हैं। ऐसा मंजर केरल में पहले कभी नहीं देखा गया। वहीं, कई लोग घायल मिल रहे हैं।
यह आपदा जो चूरलमाला, मुंडक्कई, अट्टामाला और नूलपुझा के सुरम्य गांवों में आई यह केरल के इतिहास में सबसे बड़ी आपदाओं में से एक बताई जा रही है। ऐसा तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है कि लगातार शव निकाले जा रहे हैं, कहीं लोगों के शव पड़े मिल रहे हैं तो, कहीं शरीर के अंग पड़े मिल रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
लोगों के मरने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन भी जारी है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कम से कम 800 लोग कथित तौर पर फंसे हुए हैं और बचाव दल जीवित बचे लोगों को खोजने और बचाने के लिए भाग रहे हैं।
जीवित बचे लोगों को बचाने की कोशिश
भूस्खलन के बाद मेप्पडी, मुंडक्कई और चूरलमाला इलाके कट गए हैं। चूरलमाला-मुंडक्कई सड़क नष्ट हो गई है। सेना, नौसेना और एनडीआरएफ के जवान सामूहिक रूप से जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। सुबह-सुबह शुरू हुआ खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।
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बाढ़ का पानी कई लोगों को बहा ले गया- मुख्यमंत्री पिनाराई
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वेल्लारीमाला जीएचएसएस स्कूल पूरी तरह से मिट्टी में दब गया है। भूस्खलन के बाद इरुवाझिंजिपुझा नदी दो हिस्सों में बंट गई है। पिनाराई विजयन ने कहा, ‘पिछली रात को सोए हुए बच्चे, जिनमें नवजात भी शामिल हैं, इस आपदा में अपनी जान गंवाने वालों में शामिल हैं और अब वे धरती के नीचे दबे हुए हैं। बाढ़ का पानी कई लोगों को बहा ले गया ।’