Waqf Amendment Bill : TMC सांसद सौगत रॉय बोले- 'ममता बनर्जी सही कहती हैं, बहुमत वाले लोकतंत्र में बल का प्रयोग, इसे बर्दाश्त
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने ममता बनर्जी के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह स्वीकार करना पड़ता है।
- भारत
- 4 min read

Reaction on Waqf Bill: तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने ममता बनर्जी के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह स्वीकार करना पड़ता है कि जिनके पास बहुमत होता है, वे अक्सर बल प्रयोग करते हैं और उनके खिलाफ लड़ाई जारी रहती है। रॉय ने कहा- 'ममता बनर्जी जो कह रही हैं, वह पूरी तरह सही है।' उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिल पर अपने विचार रखे, लेकिन सरकार पहले से नकारात्मक रुख अपनाए हुए थी और इसे जबरन आगे बढ़ा रही है।
मल्लिकार्जुन खरगे का BJP पर हमला
मणिपुर हिंसा पर बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राज्य में हालात बदतर हैं, सैकड़ों लोग मारे गए, महिलाओं से अत्याचार हुआ, घर जलाए गए और स्कूल-कॉलेज अब भी बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार समाधान देने में विफल रही है और खुद प्रधानमंत्री को मणिपुर जाकर इस संकट को सुलझाना चाहिए।
राज्यसभा से वोटिंग के बाद जब नेता निकले तो क्या बोले ?
वक्फ (संशोधन) बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया है। इसके साथ ही बिल को संसद की मंजूरी मिल गई है। ऊपरी सदन में गुरुवार को पेश होने के बाद 13 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद शुक्रवार तड़के विधेयक पारित हुआ। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी थी।
Advertisement
बिल राज्य सभा में पास होने से पहले एनडीए और विपक्षी सांसदों में जमकर तीखी बहस हुई। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह बिल लाई है। वहीं विपक्ष इस बिल को असंवैधानिक और मुस्लिमों के खिलाफ बताता रहा। लेकिन आखिर में वोटिंग के जरिए बिल पास हो गया। बिल के पास होने के बाद जब नेता सदन से बाहर निकले जिसके बाद कई नेताओं ने बयान दिए।
AAP सांसद संजय सिंह ने बताया लोकतंत्र की हत्या
वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित होने पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, 'आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान और लोकतंत्र की हत्या की गई है। संख्याबल के बल पर असंवैधानिक विधेयक पास किया गया है। AAP ने इसका विरोध किया।'
Advertisement
लोगों के मन में अभी भी असंतुष्टि- मनोज कुमार झा
वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित होने पर सांसद मनोज कुमार झा ने कहा- ‘इस संसद में कृषि कानून भी पारित हुए थे। बहुत लंबी बहस हुई, लोगों के मन में अभी भी असंतुष्टि है, अगर उसे दूर नहीं किया तो इसका हश्र कृषि कानूनों जैसा न हो।’
10 प्वाइंट्स में जानिए पूरी कहानी
- 13 घंटे लंबी बहस: (3 अप्रैल) दोपहर 1 बजे शुरू हुई चर्चा रात 2:32 बजे खत्म हुई, विपक्ष ने बिल का कड़ा विरोध किया।
- 128 vs 95 वोटों से मंजूरी: मोदी सरकार ने संख्याबल के दम पर राज्यसभा में बिल पारित किया।
- लोकसभा पहले ही कर चुकी थी पास: लोकसभा में 288 वोटों से बिल को हरी झंडी मिल चुकी थी।
- विपक्ष ने बताया असंवैधानिक: विपक्ष ने बिल को मुस्लिम विरोधी बताया और सरकार ने इसे ऐतिहासिक सुधार कहा है।
- रिजिजू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, बिल से किसी मुस्लिम का नुकसान नहीं होगा, बल्कि पारदर्शिता बढ़ेगी।
- वक्फ बोर्ड रहेगा सेक्युलर: सरकार ने दावा किया है कि, वक्फ बोर्ड में नॉन-मुस्लिम्स की भागीदारी से फैसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी।
- नॉन मुस्लिम भी रहेंगे: सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 मेंबर होंगे जिसमें 4 से ज्यादा नॉन मुस्लिम नहीं होंगे।
- संशोधनों के बाद पारित: संयुक्त संसदीय समिति (JPC) और हितधारकों के सुझावों को शामिल किया गया।
- राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी: अब सिर्फ राष्ट्रपति की सहमति का इंतजार है, फिर यह कानून बनेगा।
- वोटिंग के दौरान नजारा: देर रात विपक्ष के कुछ सांसद सभापति जगदीप धनखड़ को देख हैरान रह गए, लेकिन आखिर में वोटिंग में सरकार की जीत हुई।
- मोदी सरकार की बड़ी परीक्षा पास: मोदी सरकार ने राज्यसभा की सबसे बड़ी चुनौती भी पार कर ली है, अब सरकार के एजेंडे का अहम कानून बनने की ओर।