अपडेटेड 9 January 2025 at 23:47 IST

जम्मू कश्मीर की समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं: फारूक

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार केंद्र से लड़ेगी नहीं, बल्कि J&K के समक्ष आ रही समस्याओं के समाधान के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगी।

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File photo of Farooq Abdullah. | Image: PTI

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार केंद्र से लड़ेगी नहीं, बल्कि जम्मू कश्मीर के समक्ष आ रही समस्याओं के समाधान के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम नयी दिल्ली से लड़ना नहीं चाहते। हम राज्य की समस्याओं को सुलझाने के लिए दिल्ली के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। हम लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते। जो लड़ना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं।’’

उनकी यह टिप्पणी पार्टी के लोकसभा सदस्य आगा रूल्लाह की एक टीवी साक्षात्कार के दौरान की गई टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उमर अब्दुल्ला को जम्मू कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं से खुद को दूर नहीं करना चाहिए और लोगों को उन्हें ‘‘दिल्ली के प्रतिनिधि’’ के रूप में नहीं देखना चाहिए।

‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर एकता के बारे में चिंताओं पर अब्दुल्ला ने कहा कि गठबंधन केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं है, बल्कि यह भारत को मजबूत करने और नफरत को खत्म करने के लिए है।

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उन्होंने कहा, ‘‘यह गठबंधन स्थायी है - यह हर दिन और हर पल के लिए है।’’

वह विभिन्न मुद्दों पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे, जिनमें आप और कांग्रेस द्वारा दिल्ली चुनाव अलग-अलग लड़ने के कारण ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार, जम्मू कश्मीर में दोहरी सत्ता संरचना, महाकुंभ और तिरुपति में भगदड़ का मुद्दा भी शामिल था।

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उन्होंने जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब यहां बेरोजगारी इतनी गंभीर है तो लोगों की समस्या कैसे हल होगी? हमारे अस्पताल और स्कूल बहुत खराब स्थिति में हैं। हमें शिक्षकों, चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों की जरूरत है, लेकिन इसके बजाय अनावश्यक लड़ाइयां लड़ी जा रही हैं।’’

अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन स्थानीय मुद्दों के समाधान में राज्य सरकारों को सहयोग देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा के साथ नहीं हैं और न ही हमारा उनसे कोई संबंध है।’’

अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों को प्रगति में बाधा डालने वाले संघर्षों में उलझने के बजाय लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अपने बेटे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नयी दिल्ली से प्रभावित होने के दावों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने कहा, ‘‘उमर अब्दुल्ला को लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। वह किसी के निर्देश पर काम नहीं करते हैं। वह अपने हिसाब से काम करते हैं। जिन लोगों की यह धारणा है, उन्हें इससे बाहर आ जाना चाहिए।’’

बुधवार को तिरुपति मंदिर में हुई भगदड़ के बारे में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए (जिसमें छह तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी) उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि धार्मिक स्थलों और त्योहारों के दौरान जानमाल की हानि वाली घटनाओं को विशेष रूप से रोका जाए।

उन्होंने पूजा स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने भारत में ऐसे आयोजनों के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘महाकुंभ के निकट आने के साथ अधिकारियों को किसी भी कुप्रबंधन से बचने के लिए पर्याप्त उपाय करने चाहिए। यह बारह वर्ष में एक बार होने वाला आयोजन है, जिसमें लाखों लोग गंगा नदी में स्नान करने आते हैं। सरकार को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।’’

‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर जारी ‘कलह’ के बारे में पूछे गए एक सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘गठबंधन सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं है। यह भारत को मजबूत करने और नफरत को खत्म करने के लिए है। जो लोग मानते हैं कि यह गठबंधन सिर्फ संसदीय चुनावों के लिए है वे गलत हैं। गठबंधन स्थायी है - यह हर दिन और हर पल के लिए है।’’

Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 9 January 2025 at 23:47 IST