महिला पुलिसकर्मी को बीच सड़क लातों से पीटा, मार-मारकर कर दिया बेहोश, Chhattisgarh के रायगढ़ में कोयला खदान के विरोध में हिंसक प्रदर्शन- Video
रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में कोयला खादान के विस्तार के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में महिला TI समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
- भारत
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोयला खदान के विस्तार को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जिले में JPL कोयला खदाने के खिलाफ धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। उग्र भीड़ ने महिला पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला कर दिया। कई गाड़ियों को फूंक डाला। हिंसक प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इलाके में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल पावर लिमिटेड को आवंटित गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के खिलाफ बीते 15 दिनों से चल रहा ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को हिंसक हो गया। धरना हटाने पहुंची पुलिस टीम पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं तमनार थाना प्रभारी महिला निरीक्षक कमला पुसाम पर ग्रामीणों ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
उग्र भीड़ ने महिला TI को मारी लात
ग्रामीणों के हिंसक प्रदर्शन का वीडियो सामने आया है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि उग्र भीड़ बेकाबू है। तमनार थाना की थाना प्रभारी कमला पुषाम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती नजर आ रही है। मगर महिलाओं ने उन पर ही हमला बोल दिया। वीडियो में महिलाएं उन्हें लात मारती नजर आ रही है। इस हमले में TI घायल हो गईं। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। इस झड़प में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कुछ ग्रामीणों को भी चोटें आईं।
कई गाड़ियों को किया आग के हवाले
आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी। हालात बेकाबू हो गए हैं। पुलिस प्रशासन अभी लोगों को शांत कराने में लगी हुई है। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को हिरासत में लेकर थाना भेजा, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इलाके में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है। 30-35 ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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कोयला खादान का विरोध क्यों?
जानकारी के अनुसार, तमनार ब्लॉक के लिबरा गांव के सीएचपी चौक पर पिछले 15 दिनों से प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठे थे। ग्रामीण JPL के कोयला खदान परियोजना को रद्द करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई बिना उचित सूचना और विरोध के बावजूद गुपचुप तरीके से कराई गई, जिससे उनकी जमीन, पर्यावरण और आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।