CJP Jantar Mantar Protest: '5-6 हजारों की भीड़ थी, अचानक पत्थर फेंका...', पथराव में घायल हुए ACP ने सुनाई हमले की कहानी खुद की जुबानी

प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, कांच की बोतलें, लाठियां और दूसरी चीजों से दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर हमले किए।

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Brazen Attack on Delhi Police: Stones And Bottles Hurled, Two ACPs Injured in Brutal Attack by CJP Protesters
CJP प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और बोतलें फेंकीं, बर्बर हमले में दो ACP घायल | Image: Republic

CJP Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का विरोध प्रदर्शन बुधवार देर रात अचानक हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल उपद्रवियों ने जमकर हंगामा किया औौर पुलिस जवानों को निशाना बनाया। उपद्रवियों ने मौक पर मुस्तैद RAF और पुलिस कर्मियों पर पत्थरों से हमला बोल दिया। इस पथराव में 2 एसीपी समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, कांच की बोतलें, लाठियां और दूसरी चीजों से दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर हमले किए। इतना ही नहीं, उपद्रवियों के तलवार और खुखरी लहराने की भी खबर है।

अचानक हुए हमले में ACP घायल

उपद्रवियों ने संसद मार्ग पर रात करीब 8.30 बजे पुलिस पर धावा बोला। अचानक हुए पथराव में एसीपी कनॉट प्लेस विवेक भगत घायल हो गए। इसके बाद उन्हें सीनियर अफसर खुद अस्पताल लेकर पहुंचे।

मेरे सिर पर एक पत्थर लगा- ACP जय प्रकाश 

एसीपी विवेक भगत के अलावा पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश भी घायल हुए हैं, उनके सिर पर गंभीर चोट आई है। संसद भवन की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों ने एसीपी जय प्रकाश पर हमला किया। एसपी जय प्रकाश ने कहा, ‘बुधवार (22 जुलाई) सुबह 7 बजे से ही मेरी ड्यूटी धरना स्थल जंतर-मंतर पर थी। प्रदर्शनकारी दिनभर नारेबाजी कर रहे थे। 2.30-3 बजे के आसपास पांच-छह हजार लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई थी। जब उन्होंने पार्लियामेंट स्ट्रीट की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर और ह्यूमन चेन बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। अचानक प्रदर्शनकारियों में से कुछ उपद्रवियों ने अचानक पुलिस पर प्लास्टिक की बोतलें और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। एक भारी पत्थर सीधे मेरे माथे पर आ लगा।’

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इस दौरान घायल एसीपी जय प्रकाश ने आगे कहा, 'उनका इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, मेरे माथे पर मामूली फ्रैक्चर आया है और फिलहाल मेडिकल जांच जारी है।'

पेपर लीक का मुद्दा गंभीर- जेपी नड्डा

प्रदर्शन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को नीट-यूजी पेपर लीक मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पेपर लीक का मुद्दा गंभीर है और इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

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सेलेक्टिव क्यों- राहुल गांधी से पूछा सवाल

जेपी नड्डा ने उन राज्यों में हुए पेपर लीक के बारे में भी बताया, जहां विपक्ष की सरकार है। नड्डा ने सवाल किया कि राहुल गांधी, आप सेलेक्टिव क्यों हो रहे हैं? आपने इंडी गठबंधन या कांग्रेस समर्थित सरकारों की चर्चा क्यों नहीं की? यानी आपकी रुचि छात्रों का हित नहीं है। आप राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, जेपी नड्डा ने संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप पर जवाब दिया कि पिछले एक दशक में पूरे भारत में करीब 150 परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं। नड्डा ने कहा कि गांधी के आरोपों की जांच की जाएगी और जांच के बाद सरकार जवाब देगी।

‘हम चाहते हैं कि संसद में इस पर चर्चा हो’

जेपी नड्डा ने कहा, 'हम चाहते थे कि संसद में इस पर चर्चा हो। चाहे कम समय की चर्चा हो या ज्यादा समय की, बिजनेस एडवाइजरी कमिटी में आप तय कर सकते हैं कि कितना समय चाहिए। आप 12 घंटे ले सकते हैं, 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि विपक्ष जितने भी घंटे चर्चा करना चाहे, हम उसके लिए तैयार हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए और बार-बार अपनी शर्तें नहीं बदलनी चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा कि हमें सोचना चाहिए कि इस समस्या को कैसे हल किया जाए और संसद ही वह सही जगह है जहां हम इस पर गहराई से सोच सकते हैं। विपक्ष को समय तय करना चाहिए और इसमें हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए और हमें एक ठोस नीति बनानी चाहिए।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.