आंखों के सामने झुलस गई मां... तड़पता रह गया बेटा, जयपुर अस्पताल में आग ने कैसे मचाया तांडव? परिजनों ने बताई पूरी कहानी
Jaipur SMS Hospital Fire news: जयपुर के SMS अस्पताल में आग लगने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई। इस बीच परिजनों ने घटना का आंखों देखा हाल बताया है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
- भारत
- 4 min read

Jaipur SMS Hospital Fire news: राजस्थान के जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) अग्निकांड ने 8 मरीजों की जिंदगियां लील लीं। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU वॉर्ड में आग लगने से ये दर्दनाक हादसा हुआ। जिस वक्त आग लगी, ICU में कई मरीज भर्ती थे। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 8 हो गया है, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर भी बताई जा रही है। घटना को लेकर मरीजों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ICU में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों ने भयावह अनुभव साझा किए। नरेंद्र सिंह नाम के एक शख्स की अस्पताल में मां भर्ती थी। वो खाने खाने नीचे ही गया था। उसे कहां मालूम था कि इतनी सी देर में वो अपनी मां को खो देगा।
‘आग बुझाने की कोई सुविधा नहीं थी’
शख्स ने कहा, "जब ICU में आग लगी, तो मुझे पता नहीं चला। मैं उस समय खाना खाने नीचे आया था। वहां आग बुझाने का कोई उपकरण नहीं था। आग बुझाने के लिए सिलेंडर या पानी भी नहीं था। कोई सुविधा नहीं थी। हादसे में मेरी मां का निधन हो गया।"
‘डॉक्टरों को आगाह किया, फिर भी…’
हादसे में ओम प्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने भी अपने रिश्तेदार को खोया। उन्होंने बताया, "मेरा 25 साल का मौसी का बेटा यहां भर्ती था। रात लगभग 11:20 बजे जैसे ही धुआं निकलने लगा, मैंने डॉक्टरों को आगाह किया कि इससे मरीजों को परेशानी हो सकती है। धीरे-धीरे धुआं बढ़ने लगा। जैसे ही धुआं बढ़ा, डॉक्टर और कंपाउंडर निकल गए थे। अचानक इतना धुआं हो गया कि मरीजों को निकाल नहीं पा रहे थे। तब भी 4-5 मरीजों को निकाला गया।"
Advertisement
शख्स ने बताया कि दुर्भाग्य से इस घटना में मेरी मौसी के बेटे की जान चली गई। वह ठीक हो रहा था और दो-तीन दिन में उसे छुट्टी मिलने वाली थी कि इस बीच ये घटना घट गई।"
एक अन्य रिश्तेदार जोगेंद्र सिंह ने स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मेरी मां ICU में भर्ती थीं। जब चिंगारी निकली, तो मैंने डॉक्टरों को चार-पांच बार बताया कि चिंगारी वहां से आ रही है, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य मानकर टाल दिया। अचानक पूरे एरिया में धुआं फैल गया और सारा स्टाफ बाहर भाग गया, जिससे मेरी मां की मदद करने या उन्हें बचाने वाला कोई नहीं बचा। मैं बाहर था जब मैंने पुलिस से पूछा, तो उन्होंने बताया कि सभी को बाहर निकाल लिया गया है। तब भी मेरी मां और भाई अस्पताल के अंदर फंसे हुए थे। किसी तरह, मैं अपने भाई को बचाने में कामयाब रहा, लेकिन अब उसकी हालत गंभीर है।"
Advertisement
‘जैसे ही गैस और फैली, दरवाजा बंद कर दिया’
एक मरीज के रिश्तेदार पूरन सिंह ने यह भी बताया, "जब चिंगारी निकली, तो उसके बगल में एक सिलेंडर रखा था। धुआं पूरे ICU में फैल गया, जिससे सभी घबराकर भाग गए। कुछ लोग अपने मरीजों को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन मेरा मरीज कमरे में अकेला रह गया। जैसे ही गैस और फैली, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया।"
रणजीत सिंह राठौर के भाई अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बताया, "मैं अस्पताल पहुंचा, लेकिन शुरुआत में मुझे अंदर नहीं जाने दिया गया। कुछ देर बाद मैं किसी तरह अंदर घुस पाया। अंदर जाकर देखा तो मेरा भाई मृत पड़ा था।"
CM भजनलाल शर्मा ने जांच के लिए बनाई कमेटी
जयपुर के SMS अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलने पर सीएम भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने घटना पर दुख जताते हुए त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जांच के लिए एक कमेटी का भी गठन कर दिया है। समिति की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे। समिति आग के कारणों, अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया, ट्रॉमा सेंटर और एसएमएस अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था, आग लगने की स्थिति में मरीजों की सुरक्षा और निकासी और भविष्य में ऐसी आग की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अस्पताल को सुरक्षित रखने के उपायों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी।