UP: योगी सरकार ने आउटसोर्स सेवा निगम के गठन का दिया आदेश, तय हुआ अधिकतम मानदेय

UP Outsourcing Nigam: मिली जानकारी के अनुसार, यूपी सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए चार श्रेणी बताई है। इनमें एक श्रेणी के लिए 40 हजार, दो के लिए 25 हजार, तीन के लिए 22 हजार और चार के लिए 20 हजार मानदेय/पारिश्रमिक तय किया गया है।

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 CM Yogi
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) | Image: CM Office, GoUP/X

UP Outsourcing Nigam: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के गठन का आदेश दिया है। इसके लिए यूपी की सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी सरकार का यह आदेश सरकार के विभिन्न विभागो में आउटसोर्स के जरिए भर्ती किए जाने वाले कार्मिकों के लिए निगम का गठन का है। 
इसका गठन हो जाने से कार्मिकों को समय पर सैलरी मिलेगी और उनका शोषण नहीं होगा। इतना ही नहीं इससे भर्तियों में निष्पक्षता और पारदर्शिता भी रहेगी। इससे कार्मिकों के हित एवं पारदर्शी व्यवस्था लाभ के साथ आरक्षण एक प्रभावी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित होगा। आइए जानते हैं कि आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के बाद इससे लाभ क्या होंगे...


आउटसोर्स सेवा निगम का लाभ

  • विभाग द्वारा कार्मिकों की मांग को निगम द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से विभाग को सेवा प्रदान कराया जाना।
  • आउटसोर्सिंग एजेंसियों से कार्मिकों को प्रत्येक माह की 01 तारीख से 05 तारीख तक पारिश्रमिक उपलब्ध कराया जाना।
  • कार्मिकों के EPF तथा ESIC के खाते खुलवा कर धनराशि उनके खाते में जमा कराया जाना सुनिश्चित करना।
  • कार्मिकों को EPF, ESIC एवं बैंक के अन्तर्गत समस्त अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना।
  • कार्मिकों की कार्यक्षमता/दक्षता बढ़ाये जाने हेतु समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाना।
  • एस.सी/एस.टी., ओ.बी.सी., दिव्यांगजन, महिलाओं, ई0डब्लू०एस०, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित तथा भूतपूर्व सैनिकों इत्यादि को नियमानुसार आरक्षण सुनिश्चित कराना।


आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए मानदेय

मिली जानकारी के अनुसार, यूपी सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्ती के लिए चार श्रेणी बताई है। इनमें एक श्रेणी के लिए 40 हजार, दो के लिए 25 हजार, तीन के लिए 22 हजार और चार के लिए 20 हजार मानदेय/पारिश्रमिक तय किया गया है।


निगम का संगठनात्मक स्ट्रक्चर 

उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की संगठनात्मक संरचना इस प्रकार होगी :-
(A) बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
(B) सलाहकार कमेटी
(C) निगम मुख्यालय
(D-1) शासन/निदेशालय/नगर निगम/स्थानीय निकाय एवं अन्य संस्थाओं की मॉनिटरिंगकमेटी
(D-2) मण्डल स्तर की मॉनिटरिंग कमेटी
(D-3) जिला स्तर की मॉनिटरिंग कमेटी
(D-4) स्थानीय स्तर की मॉनिटरिंग कमेटी
 

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Published By:
 Amit Dubey
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