घुसपैठियों के खिलाफ योगी सरकार सख्त, यूपी के हर जिले में बनेंगे डिटेंशन सेंटर, सभी जिला अधिकारियों को सीएम ने घुसपैठियों की पहचान करने को कहा
UP News : सीएम योगी जिस तरह से घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, उससे साफ है कि चुनाव से पहले बड़ी तादात में घुसपैठियों को प्रदेश से बाहर कर देंगे। यूपी चुनाव में घुसपैठिए अगर बाहर निकाल दिए गए और SIR अभियान में उन पर गाज गिर गई, तो विपक्ष को बिहार की तरह यूपी में भी नुकसान होना तय है।
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Illegal Infiltration News : उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ की समस्या को अब जड़ से उखाड़ फेंकने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए सीएम ने अवैध घुसपैठियों की तत्काल पहचान करने, उन्हें अस्थायी डिटेंशन सेंटरों में रखने और आवश्यक सत्यापन के बाद वापस भेजने का आदेश दिया है।
सीएम योगी का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और राज्य की आंतरिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। 2026 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं और 2027 में यूपी में चुनाव हैं। माना जा रहा है कि दोनों राज्यों में अवैध वोटर एक बड़ा मुद्दा होंगे, इसीलिए योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर मुखर होकर विपक्ष की घेराबंदी कर रहे हैं।
हर जिले में अस्थाई डिटेंशन सेंटर
बीजेपी जोर-शोर से घुसपैठियों को खदेड़ने का मुद्दा उठा रही है। बिहार में SIR अभियान के दौरान 50 लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता सामने आए। योगी आदित्यनाथ ने यूपी में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ स्ट्राइक शुरू कर दी है। घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त एक्शन के निर्देश दे दिए है। सीएम योगी ने सभी डीएम को निर्देश दिए है कि घुसपैठियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए। घुसपैठियों को रखने के लिए हर जिले में अस्थाई डिटेंशन सेंटर बनाए जाए। डिटेंशन सेंटर पर रखे घुसपैठियों को वापस उनके देश भेजा जाएगा।
10 लाख से अधिक बांग्लादेशी
सीएम योगी ही नहीं पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी कई बार देश से घुसपैठियों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कह चुके हैं। यूपी के कई बड़े शहरों में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ है। अनुमान है कि 10 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी यूपी में रह रहे हैं, इसमें अकेले लखनऊ में करीब 1 लाख बांग्लादेशी छिपे हैं। 3 हजार अवैध रोहिंग्या छिपकर रह रहे। रोहिंग्याओं का डेरा मुख्य रूप से प्रयागराज, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा और अलीगढ़ में है।
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देश में एंट्री कैसे मिलती है?
देशभर में ये घुसपैठिए बड़ी समस्या बन गए हैं, लेकिन सवाल है कि आखिर इन घुसपैठियों को देश में एंट्री मिलती कैसे है? दरअसल, देश के ही लोग इनके फर्जी कागजात बनाते हैं। भारत में अलग-अलग राज्यों से एंट्री लेते हैं और बॉर्डर से सटे हुए राज्यों से इन्हें मदद मिलती है। घुसपैठ करके अलग-अलग इलाकों में बंट जाते हैं। जिस तरह से ये घुसपैठिये सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर अंदर घुस जाते हैं। किसी भी बड़ी देश विरोधी साजिश को अंजाम दे सकते है। घुसपैठियों की असली पहचान उजागर करना एक बड़ी चुनौती है।