अपडेटेड 8 November 2025 at 22:47 IST
'वंदे मातरम नहीं गाएंगे, यह हमारे मजहब के खिलाफ...', अबू आजमी के बाद अब सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क के अपमानजनक बोल
Zia Ur Rehman Barq on Vande Mataram: सपा सांसद ने कहा, "हम एक अल्लाह की इबादत(पूजा) करते हैं इसलिए किसी दूसरी जगह सजदा नहीं कर सकते। हम इस देश की धरती से मुहब्बत करते हैं, प्यार करते हैं और इसके प्रति वफादार हैं। हम इसकी इबादत नहीं कर सकते। यह हमारा मजहब है।"
- भारत
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Zia Ur Rehman Barq on Vande Mataram: शुक्रवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में साल भर चलने वाले स्मरणोत्सव का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसके साथ ही देश में वंदे मातरम को लेकर एक उत्सव का माहौल है।
इस बीच कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। ताजा मामला समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का है। उन्होंने कहा है कि उन्हें वंदे मातरम गाने के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता। यह उनका देश भक्ति नहीं साबित कर सकता। उन्होंने इतना तक कह दिया कि वे वंदे मातरम नहीं गाएंगे क्योंकि इसके लिए उनका मजहब इजाजत नहीं देता। मतलब कि सपा सांसद के अनुसार, वंदे मातरम गाना उनके मजहब के खिलाफ है।
इससे मेरी देशभक्ति पर कोई उंगली नहीं उठा सकता - सपा सांसद
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा- मेरे दादा ने इसका हमेशा से मुखालफत की है और न ही मैं गाता हूं। इससे मेरी देशभक्ति पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।
उन्होंने आगे कहा, "जहां तक आपने जो शब्द (वंदे मातरम) बोला है। रही बात जन गण मन हमारे देश का राष्ट्रगान है, हम सम्मान भी करते हैं और हम खड़े होकर दिल से गाते भी हैं। लेकिन वो (वंदे मातरम) राष्ट्र गान नहीं है राष्ट्र गीत है। उसके लिए हमें कोई बाध्य नहीं कर सकता कि हम उसको गाएं।"
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वंदे मातरम को न गाने को लेकर सपा सांसद ने कहा, "उसका कारण यह है कि उसमें मजहब के प्रति ऐसा शब्द इस्तेमाल होता है, जो कि हमारे मजहब के खिलाफ है। क्योंकि हम एक अल्लाह की इबादत(पूजा) करते हैं इसलिए किसी दूसरी जगह सजदा नहीं कर सकते। हम इस देश की धरती से मुहब्बत करते हैं, प्यार करते हैं और इसके प्रति वफादार हैं। हम इसकी इबादत नहीं कर सकते। यह हमारा मजहब है।"
मैं पढ़ (वंदे मातरम) नहीं सकता क्योंकि मैं अल्लाह की इबादत (पूजा) करता हूं। - अबू आजमी
बीते शुक्रवार को महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने वंदे मातरम पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था जो अपनी मां का भी सजदा (झुककर नमन करना) नहीं करता, वह जमीन का सजदा और सूरज का सजदा नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा था, "जो एक अल्लाह को मानता है, जो अपनी मां का भी सजदा (झुककर नमन करना) नहीं करता, वह जमीन का सजदा और सूरज का सजदा नहीं कर सकता। यह इस्लाम में कहा गया है।" वंदे मातरम पर आजमी ने कहा, "हम उसका विरोध थोड़े ही करते हैं। हम उसका सम्मान करते हैं। हम हमेशा सदन में खड़े रहते हैं। लेकिन मैं पढ़(वंदे मातरम) नहीं सकता इसलिए क्योंकि हम (मैं) अल्लाह की इबादत (पूजा) करता हूं।"
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Published By : Amit Dubey
पब्लिश्ड 8 November 2025 at 22:47 IST