Ganga Aarti Ban: काशी में गंगा आरती पर इस तारीख तक लगी रोक, जाने क्यों लिया फैसला? महाकुंभ से जुड़ा है मामला
प्रयागराज महाकुंभ से काशी पहुंच रहे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर होने वाली सांध्यकालीन गंगा आरती पर रोक लगाई गई है।
- भारत
- 3 min read

Kashi Ganga Ghat Aarti: प्रयागराज महाकुंभ से काशी पहुंच रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर होने वाली सांध्यकालीन गंगा आरती पर 26 फरवरी तक रोक लगा दी है। इससे पहले यह प्रतिबंध 15 फरवरी तक था लेकिन श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे बढ़ाया गया है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि घाटों की सीमित जगह के कारण भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए आरती पर रोक आवश्यक है। प्रशासन ने आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि फिलहाल सिर्फ सांकेतिक आरती कराई जा रही है। आरती समितियों के साथ चर्चा जारी है और जल्द ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
महाकुंभ से काशी पहुंच रहे लोग
प्रयागराज महाकुंभ से पलट प्रवाह के जरिए जो लोग काशी आ रहे हैं, वो खासतौर पर गंगा आरती देखने के लिए शाम से ही घाट पहुंच जा रहे हैं। घाटों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के आयोजक गंगा सेवा निधि के सुशांत मिश्रा ने बातचीत के दौरान बताया कि महाकुंभ के पलट प्रवाह की वजह से लगातार श्रद्धालुओं का आना जारी है।
11 फरवरी से गंगा घाट पर सांकेतिक रूप से आरती को संपन्न कराया जा रहा है और अब प्रशासन के दिशा-निर्देश पर 26 फरवरी तक सांकेतिक रूप से ही गंगा आरती आयोजित की जाएगी। इसका तात्पर्य है कि एक अर्चक की ओर से मां भगवती की आरती होगी, जिसमें सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी होगी। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि घाटों पर सीमित जगह है और श्रद्धालुओं का भारी दबाव किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है लिहाजा आरती पर रोक 26 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है।
Advertisement
नावों के संचालन पर भी रोक बढ़ी
शाम 6 बजे के बाद गंगा में नावों के संचालन पर भी रोक बढ़ा दी गई है। 15 फरवरी तक ये रोक पहले से ही थी। इसको भी 26 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि शाम छह बजे के बाद गंगा में किसी भी तरह की नावों का संचालन नही होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रख कर ये निर्णय हुआ है। जल पुलिस लगातार गश्त करते रहेगी और जो भी इसकी अनदेखी करेंगे उनके ख़िलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
गंगा घाट पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिया फैसला
वाराणसी स्थित काशी के गंगा घाट रोजना आयोजित होने वाली गंगा आरती में देश-विदेश हजारों लोग पहुंचते हैं। महाकुंभ के पलट प्रवाह के दौरान वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा गंगा घाट की आरती में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। इस दौरान सांकेतिक रूप से हो रही गंगा आरती के दौरान गंगा घाट के अलावा लोग काशी के अलग-अलग धार्मिक स्थल पर पहुंच रहे थे।