Uttar Pradesh: अदालत ने अपार्टमेंट तोड़े जाने की कार्रवाई का सामना कर रहे 81 फ्लैट मालिकों को दी राहत
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में अदालत ने अपार्टमेंट तोड़े जाने की कार्रवाई का सामना कर रहे 81 फ्लैट मालिकों को राहत दी।
- भारत
- 2 min read

Uttar Pradesh: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने यहां प्राधिकरण द्वारा 81 अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को फ्लैट खाली करने के नोटिस पर रोक लगाते हुए फ्लैट मालिकों को राहत प्रदान की।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने ये नोटिस जारी किये थे।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओमप्रकाश शुक्ला की पीठ ने महानगर स्थित ‘रॉयल ग्रीन अपार्टमेंट’ के कुछ फ्लैट मालिकों द्वारा दायर रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया।
पीठ ने अपार्टमेंट को गिराने पर रोक लगा दी है।
Advertisement
इससे पहले प्राधिकरण के अधिवक्ता रत्नेश चंद्र ने पीठ को बताया कि एलडीए ने 2012 की जनहित याचिका में समन्वय पीठ द्वारा पारित आदेश के कारण उक्त अपार्टमेंट को गिराने की कार्रवाई शुरू की है।
प्राधिकरण ने करीब 19-20 वर्ष पहले अपार्टमेंट के बिल्डरों को जारी किए गए आदेशों के अनुपालन में उक्त अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के लिए यह पहल की थी।
Advertisement
पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह उन एलडीए अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी, जो 19 वर्ष पहले बिल्डरों को जारी किए गए ध्वस्तीकरण आदेशों का पालन करने में विफल रहे थे।
पीठ का मानना था कि बिल्डरों की गलती के लिए, फ्लैट मालिकों को नुकसान नहीं उठाना चाहिए, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से फ्लैट खरीदे थे और उन्हें बिल्डरों को दिए गए नोटिस के बारे में पता नहीं था।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)