Uttar Pradesh: CM ने की होली मिलजुल कर मनाने और जबरन रंग न लगाने की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लोगों से सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए सद्भाव के साथ होली मनाने की अपील की।

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CM Yogi Adityanath
Uttar Pradesh: CM ने की होली मिलजुल कर मनाने और जबरन रंग न लगाने की अपील | Image: R Bharat

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को लोगों से सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए सद्भाव के साथ होली मनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने होली के दौरान अनिच्छुक लोगों को जबरन रंग नहीं लगाने का आग्रह करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि आपसी सम्मान के साथ मनाए जाने वाले त्योहार ज्यादा खुशी लेकर आते हैं।

उन्होंने कहा…

उन्होंने कहा, “लोगों को सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए सद्भाव के साथ होली मनानी चाहिए। आपसी सम्मान के साथ मनाए जाने वाले त्यौहार अधिक खुशी लाते हैं। दूसरों पर, विशेषकर जो अस्वस्थ हैं उन पर जबरन रंग न लगायें।”

आदित्यनाथ ने पांडेयहाटा में होलिका दहन उत्सव समिति द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभा यात्रा में कहा कि होलिका दहन अहंकार और नकारात्मक प्रवृत्तियों को जलाने का प्रतीक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न प्रयागराज महाकुंभ का जिक्र हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया को सनातन धर्म की ताकत दिखाई।

उन्होंने कहा, “महाकुंभ वास्तव में धर्म में अनुशासन का महापर्व बन गया है। इस महाआयोजन में 45 दिनों के दौरान संगम पर 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एकत्र हुए, जिन्होंने अद्वितीय अनुशासन, एकता और सद्भावना का परिचय दिया।”

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मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में राजनयिकों, मंत्रियों और धार्मिक नेताओं सहित सभी भारतीय राज्यों और 100 से अधिक देशों के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने त्रिवेणी संगम पर सामूहिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि सभी संप्रदायों, धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई जिससे सनातन धर्म की एकीकृत भावना को बल मिला।

उन्होंने एकता के इस संदेश की तुलना होली के सार से की। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश के लोगों और विभिन्न विभागों के प्रयासों की भी सराहना की। आदित्यनाथ ने होली को अधिक पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्सव के तौर पर मनाने का आह्वान करते हुए सदियों पुराने होली गीतों को पुनर्जीवित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

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उन्होंने कहा, “पारंपरिक लोकगीत और गाथाएं हमारे इतिहास का अहम हिस्सा हैं। अगले साल तक होली गीतों को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक समूह बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।” मुख्यमंत्री ने बाद में भक्त प्रह्लाद की आरती की और उनकी मूर्ति पर फूल बरसाए ,साथ ही वहां मौजूद भक्तों के साथ फूलों की होली खेली।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By :
Garima Garg
पब्लिश्ड