UP: संभल में एक और मस्जिद निकली अवैध, प्रशासन की पैमाइश में चौंकाने वाला खुलासा; फिर चलेगा बुलडोजर!
UP Sambhal Illegal Masjid: संभल के गांव कसेरुआ में राजस्व विभाग की जांच में सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिद और 11 मकानों की पुष्टि हुई है। तहसीलदार न्यायालय ने बेदखली का आदेश जारी कर दिया है।
- भारत
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UP Sambhal Illegal Masjid: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला उजागर हुआ है। राजस्व विभाग की पैमाइश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस भूमि पर मस्जिद और कई मकान बने हैं, वह सरकारी अभिलेखों में कब्रिस्तान और वृक्षारोपण के लिए दर्ज है। तहसीलदार न्यायालय ने इस अवैध निर्माण को हटाने (बेदखली) के आदेश जारी कर दिए हैं।
पैमाइश में हुआ अवैध निर्माण का खुलासा
जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को तहसीलदार धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने गांव कसेरुआ पहुंचकर विवादित भूमि की गहन पैमाइश की। इस जांच में सरकारी भूमि के दुरुपयोग की गंभीर तस्वीरें सामने आईं। यहां गाटा संख्या 409 (कब्रिस्तान) करीब 1,200 वर्गमीटर में फैली इस भूमि पर नियमों के विरुद्ध एक मस्जिद और 3 मकान बने पाए गए।
वहीं, गाटा संख्या 410 (खाद के गड्ढे) 600 वर्गमीटर की इस सरकारी भूमि पर 8 मकान बनाकर कब्जा किया गया है। जबकि गाटा संख्या 411 (वृक्षारोपण) के 1,001 वर्गमीटर भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से खेती की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, मस्जिद कमेटी ने तथ्यों को छुपाकर और धोखाधड़ी से इस मस्जिद को सुन्नी वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा लिया था, जबकि भूमि का स्वामित्व निजी न होकर सार्वजनिक (कब्रिस्तान) है।
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धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश
इसपर तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मस्जिद कमेटी को अपनी जमीन के मालिकाना हक के साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन वे कोई भी ठोस प्रमाण नहीं दे सके। इसके बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश पारित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्राम समाज की भूमि पर बने मकानों को लोग स्वयं खाली कर दें, अन्यथा बुलडोजर की कार्रवाई के साथ-साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
मस्जिद कमेटी के 7 सदस्यों पर प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में जालसाजी और सरकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर पहले ही कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। 18 जनवरी 2026 को लेखपाल की तहरीर पर नखासा पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मस्जिद कमेटी के सात सदस्यों (जाकिर हुसैन, तस्लीम, भूरे, शरफुद्दीन आदि) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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लेकिन, अब तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने जिलाधिकारी (DM) न्यायालय में अपील दायर की है। प्रशासन का कहना है कि डीएम कोर्ट से अंतिम निर्णय आने के बाद अतिक्रमण हटाने की आगे की प्रक्रिया (बुलडोजर कार्रवाई) सुनिश्चित की जाएगी।