VIRAL: इंसानियत शर्मसार... रायबरेली जिला अस्पताल में बेबस मरीज को 10 बार लात मारती नजर आई कर्मचारी, दिल दहलाने वाला VIDEO

रायबरेली जिला अस्पताल में महिला कर्मचारी ने बेबस मरीज को कई बार लात मारी। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने किया सस्पेंड, जानें क्या है मामला? पूरी खबर पढ़ें

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Caught On Camera: UP Hospital Staff Kicks Helpless Patient Repeatedly; 35-Second Video Triggers Massive Outrage
रायबरेली जिला अस्पताल में इंसानियत शर्मसार | Image: X/ Video Grabs

Hospital Abuse Video: यूपी के रायबरेली जिला अस्पताल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला स्वीपर फर्श पर बैठे बेबस मरीज को बार-बार लात मारती और गालियां देती दिखाई दे रही है। 39 सेकंड की इस क्लिप ने पूरे प्रदेश में गुस्सा पैदा कर दिया है।

वीडियो में अस्पताल की स्वीपर पिंकी फर्श पर बैठे एक युवक को करीब 10 बार लात मारती नजर आ रही है। युवक मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जो तुरंत उठ नहीं पा रहा था। महिला कर्मचारी उसे गालियां देते हुए बाहर निकलते दिख रही है। वहीं, आसपास खड़े लोग और सिक्योरिटी गार्ड भी सिर्फ चुपचाप ये सब देखते रहे।

वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने क्या किया?

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और डिप्टी चीफ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक के निर्देश पर पिंकी को सस्पेंड कर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि ये व्यवहार कर्मचारी आचार संहिता का उल्लंघन है।

जांच के दिए गए आदेश 

अस्पताल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है, इसमें ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट डॉ. दिनेश प्रताप सरोज, माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. ऋचा और सिस्टर-मैट्रन सुषमा यादव शामिल हैं। कमेटी को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना के बाद एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (मेडिकल एंड हेल्थ) अमित कुमार घोष ने सभी चीफ मेडिकल ऑफिसर्स को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए आशा का केंद्र होना चाहिए, न कि डर का। ये घटना दिखाती है कि संवेदनशीलता की कमी और ट्रेनिंग की जरूरत कितनी है। खासकर मानसिक रूप से कमजोर मरीजों के प्रति थोड़ी दया जरूरी है। फिलहाल विभागीय जांच चल रही है। उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट सर्वेंट्स (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1999 के तहत मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर लोग मरीजों की सुरक्षा और स्टाफ ट्रेनिंग को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड