UP: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 100 बटुकों का किया अभिनंदन तो अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हिंदू समाज में उनसे जवाब देते नहीं बन रहा, सवाल ये है कि...
UP News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का पूजन किया, इससे प्रयागराज की पावन धरती पर हुए उस 'पाप' का प्रायश्चित नहीं हो सकता, जो बटुकों के साथ किया गया।
- भारत
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UP News: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हाल ही में अपने आवास पर 101 बटुकों (युवा ब्राह्मणों) को बुलाकर उनका भव्य अभिनंदन किया। डिप्टी सीएम ने बटुकों के पैर छुए, उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए और उन पर पुष्पवर्षा की। इस कदम को प्रयागराज माघ मेले में हुई एक विवादित घटना के डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ कहा कि केवल तिलक लगाने या पैर छूने से उस 'पाप' का प्रायश्चित नहीं हो सकता, जो प्रयागराज की पावन धरती पर पुलिस द्वारा बटुकों के साथ किया गया।
ये बटुकों का सम्मान नहीं, राजनीति!
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करने को पूरी तरह से राजनीति करार दिया और कहा कि ये कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। उनका कहना है कि अगर सरकार वाकई गंभीर होती, तो उस खास बटुक के पास जाती, जिसकी चोटी (शिखा) पुलिस ने खींची थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि माघ मेले के दौरान जब वे संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तब पुलिस ने न केवल उन्हें रोका बल्कि उनके साथ मौजूद ब्राह्मण शिष्यों के साथ अभद्रता भी की। शंकराचार्य के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा किया गया यह आयोजन केवल जनता को यह दिखाने की कोशिश है कि सरकार ब्राह्मणों के साथ है, जबकि असलियत में पीड़ित को कोई न्याय नहीं मिला है।
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11 मार्च को करेंगे लखनऊ कूच
शंकराचार्य ने न केवल बटुकों के अपमान का मुद्दा उठाया, बल्कि गौ रक्षा को लेकर भी योगी सरकार को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 10 मार्च तक का समय देते हुए अल्टीमेटम दिया है कि यदि गाय को 'राज्य माता' का दर्जा नहीं मिला और गौ हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगा, तो 11 मार्च को वे साधु-संतों के साथ लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया है कि वे इस मुहिम में बड़ी संख्या में जुड़ें।
डिप्टी सीएम की पावर और संघ प्रमुख के बयान पर वार
प्रेस वार्ता के दौरान शंकराचार्य ने यह भी कहा कि प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि पुलिस और गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल को बहलाने के लिए इस तरह के बयान और कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ने की स्थिति में हैं।