अपडेटेड 23 January 2026 at 19:20 IST
UP: जौनपुर का ये युवक निकला सबसे खतरनाक मुन्नाभाई MBBS... खुद ही काट लिया अपना पैर ताकि मिल जाए मेडिकल में दाखिला, जानें पूरा मामला
जौनपुर में नीट अभ्यर्थी सूरज भास्कर ने 2026 में MBBS में एडमिशन पाने के लिए अपना पैर खुद काट लिया और मारपीट की झूठी कहानी रची। पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से खुलासा हुआ कि उसने एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लगाकर खुद को घायल किया था। जानिए क्या है पूरा मामला
- भारत
- 3 min read

UP News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे जानने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि कहां से आते हैं ऐसे लोग? दरअसल, जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला सूरज भास्कर नीट की तैयारी कर रहा था। उसका लक्ष्य था कि किसी भी तरह से 2026 में NEET क्वालिफाई करके MBBS में ए़डमिशन लेना है, लेकिन जब उसे लगा कि यह उससे नहीं हो पाएगा, तो उसने अपना दिमाग चलाया और अपने आप को दिव्यांग करने का फैसला किया। इसके बाद क्या था.. उसने खुद ही अपने पैर के पंजे काट लिए ताकि दिव्यांग कोटे से MBBS में एडमिशन पा सके।
गर्लफ्रेंड ने खोल दी पोल
जौनपुर के सूरज ने पैर के पंजे काटने के बाद पुलिस और घरवालों को अपने ऊपर झूठे हमले की कहानी सुनाई। लेकिन, पुलिस जांच में पता चला कि युवक पर किसी बाहरी व्यक्ति ने हमला नहीं किया था और उसने खुद अपना पैर काटा था। युवक ने अपने बाएं पंजे की 4 अंगुलियां अलग कर दीं और सिर्फ अंगूठा छोड़ दिया। उसने साजिश की बात अपनी प्रेमिका को भी बताई थी, जिससे पुलिस ने जब पूछा तो सारा राज खुल गया। फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस को सुनाई झूठी कहानी
सूरज भास्कर (24) खलीलपुर का रहने वाला है। सूरज ने डी-फार्मा किया है और पिछले 3 साल से एमबीबीएस की तैयारी कर रहा है। 18 जनवरी की रात अपने निर्माणाधीन मकान में सो रहा था, जब दो अज्ञात लोगों ने उस पर हमला कर दिया। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और उसका बाएं पैर का पंजा काट दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। भोर करीब 5 बजे जब उसे होश आया, तो उसने देखा कि उसके पैर का पंजा कटा हुआ था। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचा। घरवालों की सूचना पर पुलिस पहुंची। घायल सूरज को पहले जिला अस्पताल और फिर पार्थ हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। युवक ने पुलिस को यह भी बताया कि हमलावर पल्सर बाइक से आए थे और करीब 15 दिन पहले उसे धमकी भी दी थी।
सीओ सिटी ने बताई सच्चाई
इस बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना के बारे में जानकारी देते हुए सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि जब सूरत से बयान लेना शुरू किया तो सूरज बार-बार बयान बदलने और भरमाने की कोशिश कर रहा था, जिससे पुलिस को उसपर शक हो गया।
Advertisement
इसके बाद पुलिस ने जब आसपास में खोजबीन की तो खेत से कुछ एनेस्थीसिया की शीशियां, सिरिंज और आरी मशीन बरामद हुए। पुलिस ने खुलासा किया कि सूरज एमबीबीएस में एडमिशन नहीं मिलने से तनाव में था और उसने अपनी डायरी में लिखा था कि वह 2026 में किसी भी कीमत पर एमबीबीएस में एडमिशन लेगा।
दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने BHU भी गया था
पुलिस के अनुसार, सूरज को मेडिकल प्रक्रियाओं की जानकारी थी, जिसका इस्तेमाल उसने खुद पर किया। सीडीआर जांच से पता चला कि उसने अपनी प्रेमिका से इस बारे में बात की थी और अक्टूबर में बीएचयू भी गया था। जहां उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की। लेकिन, दिव्यांग ना होने के कारण सूरज का सर्टिफिकेट नहीं बन सका। सूरज ने फिर खुद को दिव्यांग बनाने का फैसला कर लिया।
Advertisement
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 23 January 2026 at 19:20 IST