UP: बड़ी बहन ने फोन नहीं दिया तो 14 साल की प्राची ने लगा ली फांसी, सदमे में परिवार

UP Girl Suicide: महोबा के कुलपहाड़ में 14 साल की प्राची ने बड़ी बहन से मोबाइल न मिलने पर फांसी लगाकर जान दे दी। पूरा परिवार सदमे में है। पढ़ें पूरी कहानी

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Mahoba Addiction Girl Suicide
मोबाइल न मिलने पर 14 साल की प्राची ने लगा ली फांसी | Image: Representative Image

उत्तर प्रदेश के महोबा में मोबाइल की जिद पूरी ना होने पर एक मासूम ने अपनी जान दे दी। महोबा के पोला मोहल्ले की इस दिल दहला देने वाली घटना ने हिला कर रख दिया, जहां सिर्फ 14 साल की बच्ची प्राची ने जो 7वीं क्लास में पढ़ती थी, उसने अपनी बड़ी बहन से फोन मांगा था। बड़ी बहन ने फोन देने से मना कर दिया तो प्राची इस बात से इसनी ज्यादा आहत हो गई कि उसने अपनी जान ही लेली।

घटना आज हुई, आम दिनों की तरह घर में नॉर्मली सब अपने कामों में लगे थे, प्राची की बड़ी बहन काजल (जो बीए की छात्रा है) मोबाइल फोन पर पढ़ाई का काम देख रही थी। तो प्राची ने बहन से फोन मांगा, लेकिन पढ़ाई के कारण काजल ने फोन देने से मान कर दिया, इसी छोटी-सी बात पर प्राची को गुस्सा आ गया।

(Note: अगर आप मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो कृपया हेल्प लें और इस नंबर iCALL  9152987821 / 18005990019  पर संपर्क करें। यहां कॉल करके तनाव, अवसाद या चिंता से बचाव के लिए डॉक्टरों से निशुल्‍क बात की जा सकती है, से सेवा भारत के 25 राज्‍यों में चल रही है।)  

कमरे में जाकर फंदे से लटक गई प्राची

गुस्से में प्राची कमरे में चली गई और खुद को अंदर से बंद कर लिया। जब काफी देरो होने तक भी जब कमरे से कोई आवाज नहीं आई, तो मां और परिवार के लोगों को शक हुआ। परिवार ने घर से बाहर जाकर मोहल्ले वालों को मदद के लिए बुलाया, जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, तो सबकी सांसें थम गईं।

बंद कमरे में प्राची का शव फंदे से लटका हुआ था। ये देख परिवार में कोहराम मच गया, मजदूरी के लिए बाहर गए पिता कमलेश राजपूत को जब बेटी की मौत की खबर मिली, तो वे सदमे में चले गए। इसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

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बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखनी जरूरी

कुलपहाड़ कोतवाली पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ जारी रखे हुए है। इस तरह की घटना डिजिटल युग में बच्चों के मोबाइल के प्रति बढ़ते लगाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है। छोटी-छोटी बातों पर भावुक होकर बच्चे गलत कदम उठा रहे हैं। माता-पिता को बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। मोबाइल का इस्तेमाल सीमित रखना और खुलकर बातचीत करना जरूरी है। यह मामला न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गया है, बल्कि पूरे समाज के सामने धैर्य, संवाद और बच्चों की भावनाओं को समझने की जरूरत को दोहराता है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड