UP Crime: सोनभद्र में दो हैवान पतियों ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, एक की पीट-पीटकर ले ली जान; तो दूसरी महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम
सोनभद्र में दो अलग-अलग गांव से एक जैसे मामले सामने आए, जहां पतियों ने अपनी पत्नी को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
- भारत
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Crime against Women: सोनभद्र के बभनी क्षेत्र से हैरान और परेशान कर देनी वाली खबर सामने आई है, दरअसल, दो अलग-अलग इलाकों में एक जैसी हैवानियत हुई, जहां नशे में दो आदमियों ने अपनी पत्नियों को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। महिलाओं के खिलाफ बढ़ता अपराध आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है।
बभनी थाना क्षेत्र में बीते दिन ये दोनों घटनाएं अलग-अलग गांवों में हुईं, जिनमें एक महिला की मौत घर पर हुई, जबकि दूसरी ने अस्पताल में दम तोड़ा। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।
पति ने पत्नी को डंडे से बुरी तरह पीटा, मौके पर मौत
पहली घटना बभनी के चपकी गांव की है। यहां शिव मूरत गोंड नामक शख्स ने शराब के नशे में अपनी पत्नी प्रमिला गोंड को डंडे से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति ने खुद से थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घरेलू विवाद के बाद पत्नी को पीटा, अस्पताल में मौत
दूसरी घटना बभनी थाना क्षेत्र के तेलजर गांव में रविवार रात हुई, बबलू सुनील अगरिया ने आपसी विवाद के दौरान अपनी पत्नी फूलमती की बेरहमी से पिटाई कर दी। पत्नी की हालत गंभीर होने पर बबलू उसे अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि दोनों घटनाओं में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि चपकी गांव की घटना में आरोपी शिव मूरत गोंड को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तेलजर मामले में फरार आरोपी की तलाश जारी है। दोनों शवों की पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। वहीं आगे की कार्रवाई जारी है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
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घर के अपराध से जुड़े ये मामले बड़े सवाल खड़े करते हैं कि आज भी महिला अपने ही घर में अपने पति के साथ सुरक्षित नहीं है। ऐसी घटनाएं सोचने पर मजबूर करती है कि महिलाओं को अपने खिलाफ अपराध को समय रहते पहचाना जरूरी है, इससे पहले की हिंसा जानलेवा हो जाए महिलाओं को सतर्क रहने की जरूरत है।