अपडेटेड 14 January 2026 at 10:42 IST
कोडीन कफ सिरप केस: शुभम जायसवाल, आकाश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी, SIT की लेटर पर CBI का एक्शन
कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके साथी आकाश पाठक के खिलाफ अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। SIT के अनुरोध पर CBI ने इंटरपोल के माध्यम से यह नोटिस जारी किया है l
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कोडीन कफ सिरप मामले में फरार चल रहे शुभम जायसवाल और उसके साथी आकाश पाठक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। मामले की जांच कर रही SIT ने CBI को लेटर लिखकर एक्शन की अपील की थी। जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी दुबई में छिपा है, ऐसे में दुबई में इंटरपोल की मदद से उसके प्रत्यर्पण की कवायद भी तेज हो गई है।
कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके साथी आकाश पाठक के खिलाफ अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। विशेष जांच दल (SIT) के अनुरोध पर CBI ने इंटरपोल के माध्यम से यह नोटिस जारी किया है, जिससे दोनों आरोपियों के लिए विदेश में छिपना और यात्रा करना बेहद मुश्किल हो गया है।
शुभम, आकाश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
वाराणसी SIT की जांच में पता चला कि दोनों आरोपी विदेश भाग गए हैं, इसके बाद एजेंसी ने इस संबंध में CBI को औपचारिक चिट्ठी लिखी थी, क्योंकि सीबीआई ही इंटरपोल के साथ समन्वय करने वाली नोडल एजेंसी है। अब कोडीन कफ सिरप केस के दो मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके करीबी आकाश पाठक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ताकि वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट या सीमा से बाहर न निकल सकें।
इतने लोगों की हुई गिरफ्तारी
इधर मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई भी जारी है। पुलिस ने शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले सिंडिकेट के कई प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें शुभम के पिता भोला जायसवाल, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा शामिल हैं।
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जानेंं पूरा मामला
यह पूरा मामला कोडीन युक्त कफ सिरप (जैसे Phensedyl ) की अवैध तस्करी से जुड़ा है, जिसे नशीले पदार्थ के रूप में नेपाल, बांग्लादेश और अन्य जगहों पर सप्लाई किया जाता था। फर्जी फर्मों, बोगस इनवॉइस और छिपे गोदामों के जरिए यह रैकेट चलाया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि शुभम जायसवाल ने 'शैली ट्रेडर्स' जैसी फर्मों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ की तस्करी की।
मामले की शुरुआत मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत से हुई, जहां कोडीन युक्त सिरप के सेवन से हादसे हुए। इसके बाद उत्तर प्रदेश में यूपी-एसटीएफ, FSDA और पुलिस ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें सैकड़ों FIR दर्ज हुईं और दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं। यूपी सरकार ने ऐसे सिरप पर रोक लगा दी थी।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 14 January 2026 at 10:42 IST