UP: उत्तर प्रदेश में एक और शहर का बदलेगा नाम, जलालाबाद कहलाएगा परशुराम पुरी; योगी कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी करने को मंजूरी दी। योगी सरकार का सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा के लिए ये कदम उठाया है, जानें कैबिनेट में और क्या क्या अहम फैसले लिए गए? पूरी खबर पढ़ें

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी करने को मंजूरी दी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शाहजहांपुर की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी करने को मंजूरी दी | Image: X

Jalalabad renames Parshuram Puri: यूपी से इस वक्त की बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि अब जलालाबाद का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी रखा जाएगा। दरअसल, उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सोमवार को ये अहम फैसला लिया। शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर भगवान परशुराम पुरी करने को मंजूरी दे दी गई है। तुरंत प्रभाव से प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भगवान परशुराम के नाम पर रखा तहसील का नाम

कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ के 5 कालीदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई। इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री और तमाम मंत्री शामिल थे। कैबिनेट ने जलालाबाद तहसील का नया नाम भगवान परशुराम पुरी रखने का प्रस्ताव पास कर दिया है। नाम बदलने के बाद यह तहसील आधिकारिक रूप से भगवान परशुराम पुरी के नाम से जानी जाएगी।   

लोगों की मांग थी नाम परशुराम रखा जाए- ब्रजेश पाठक  

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस बारे में ज्यादा  जानकारी देते हुए बताया कि, 'शाहजहांपुर जनपद की जलालाबाद नगर का नाम बदलने को लेकर लंबे समय से लोगों की मांग थी। लोगों की मांग थी कि क्योंकि ये भगवान परशुराम की जन्मस्थली है उसका नाम परशुराम पुरी होना चाहिए। भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जलालाबाद नगर का नया नाम 'परशुराम पुरी' सर्वसम्मति से पास कर दिया है। आज कैबिनेट बैठक में 29 से ज्यादा प्रस्ताव पास हुए हैं।'   
 

स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा गया

यह फैसला न सिर्फ प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक गौरव को भी ध्यान में रखता है। योगी सरकार पहले भी कई ऐसे कदम उठा चुकी है जिनका मकसद विरासत को जीवंत रखना और विकास को गति देना है। कैबिनेट बैठक की जानकारी के मुताबिक, ये निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। अब संबंधित विभाग नाम बदलाव की आगे की कार्रवाई करेंगे।

Advertisement

बैठक में और भी कई अहम फैसले

यूपी स्टार्टअप नीति 2026 और डेटा सेंटर नीति 2026 को मंजूरी मिली।
मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को राज्य के सभी 75 जिलों में लागू करने की स्वीकृति दी गई।
कानपुर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय और गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को हरी झंडी मिली।
लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ।

यह भी पढ़ें : Delhi: हरि नगर के विद्यालय में मिड-डे-मील में छिपकली मिलने से हड़कंप

Advertisement
Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड