कहां छिपी है शाइस्ता परवीन और बमबाज गुड्डू? सबकुछ बताएगा लेडी डॉन का बेहद करीबी अरमान, कोर्ट में खोलेगा 3 साल से दफन अतीक अहमद गैंग के सारे राज
प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 24 फरवरी 2023 को हुई इस वारदात में शामिल और पांच लाख रुपये का इनामी आरोपी अरमान अब प्रयागराज पुलिस की कस्टडी में है।
- भारत
- 3 min read

प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 24 फरवरी 2023 को हुई इस वारदात में शामिल और पांच लाख रुपये का इनामी आरोपी अरमान अब प्रयागराज पुलिस की कस्टडी में है। बिहार की गया सेंट्रल जेल में करीब साढ़े तीन साल (43 महीने) तक बंद रहने के बाद यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर प्रयागराज आई है। थोड़ी देर में कोर्ट में उसकी पेशी होनी है।
आपको बता दें कि अरमान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक अहम कड़ी है। वारदात के दिन सामने आए सीसीटीवी फुटेज में बमबाज गुड्डू मुस्लिम जिस बाइक पर पीछे बैठकर बम बरसा रहा था, उसे अरमान ही चला रहा था। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों उसी बाइक से एक साथ फरार हुए थे। इसके अलावा, अरमान को माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का बेहद करीबी माना जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह शाइस्ता के मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालता था।
बचने के लिए गया में किया सरेंडर
मूल रूप से बिहार में गया जिले के कठोत्तर तालाब का रहने वाला अरमान वारदात के तुरंत बाद यूपी से भागकर अपने गृह जिले पहुंच गया था। यूपी पुलिस से बचने के लिए उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत 27 फरवरी 2023 को गया कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यह सरेंडर गया शहर के कटारी तालाब के पास एक अंडा व्यवसायी (भोलू) पर गोली चलाने के एक पुराने मामले में किया गया था।
Advertisement
तब से वह गया की सेंट्रल जेल में बंद था और यूपी पुलिस उसे अलग-अलग राज्यों में तलाश रही थी। हाल ही में धूमनगंज पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने गया जेल पहुंचकर उसकी शिनाख्त की और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे अपने साथ यूपी ले आई।
पुलिस पूछताछ के मुख्य बिंदु
Advertisement
चूंकि अरमान वारदात के बाद गुड्डू मुस्लिम के साथ ही वहां से निकला था, इसलिए जांच एजेंसियों की पूछताछ का मुख्य फोकस निम्नलिखित सवालों पर होगा:
- 24 फरवरी 2023 की घटना के बाद अरमान और गुड्डू मुस्लिम के रास्ते कब और कहां अलग हुए?
- गुड्डू मुस्लिम का आखिरी ज्ञात ठिकाना क्या था और फरारी के दौरान उसे किसने लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद दी?
- शाइस्ता परवीन फिलहाल कहां छिपी है और उसके नेटवर्क को कौन ऑपरेट कर रहा है?
परिजनों को सता रहा एनकाउंटर का खौफ
अरमान के पिता शमीम मलिक ने स्वीकार किया है कि उनका बेटा उमेश पाल हत्याकांड में शामिल था और वारदात के बाद भागकर गया आ गया था। हालांकि, उन्होंने यूपी पुलिस की कार्रवाई पर गहरा खौफ जताया है। शमीम मलिक ने कहा कि उन्हें डर है कि पुलिस रास्ते में अरमान के हाथ में बंदूक थमाकर उसका एनकाउंटर कर सकती है, क्योंकि इस मामले में पहले ही चार आरोपियों के एनकाउंटर हो चुके हैं।
पिता के मुताबिक, अरमान शुरुआत में उत्तर प्रदेश की एक बर्फ फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने उसे अतीक अहमद के नेटवर्क से जोड़ दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका बेटा सीधे अतीक के साथ नहीं, बल्कि उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहता था।