शराबी पतियों की घरेलू हिंसा को छोड़ दो महिलाओं ने की शादी, सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती फिर लिया फैसला

सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर इन दोनों महिलाओं की दोस्ती हुई इसके बाद दोनों महिलाओं ने अपने-अपने दुख साझा किए और फिर एक दूसरे को अपना हमसफर चुन लिया।

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शराबी पतियों की घरेलू हिंसा को छोड़ दो महिलाओं ने की शादी | Image: Social-Media

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल में एक हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां के देवरिया जिले में दो शादीशुदा महिलाओं ने अपने-अपने पतियों को छोड़कर आपस में शादी कर ली है। दोनों महिलाओं की ये शादी पूरे इलाके ही नहीं बल्कि पूरे सूबे में चर्चा का विषय बन गई है। इन दोनों महिलाओं की दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर इन दोनों महिलाओं की दोस्ती हुई इसके बाद दोनों महिलाओं ने अपने-अपने दुख साझा किए और फिर एक साथ जीवन बिताने के लिए दोनों ने एक दूसरे को अपना हमसफर चुन लिया।

अपने शराबी पतियों से तंग आकर दोनों महिलाओं ने अपना घर छोड़ दिया और एक-दूसरे से शादी कर ली। कविता और गुंजा उर्फ बबलू ने बृहस्पतिवार शाम देवरिया के छोटी काशी कहे जाने वाले शिव मंदिर में विवाह किया। उन्होंने मीडिया के संवाददाताओं को बताया कि वे पहली बार इंस्टाग्राम पर मिली थी और समान परिस्थितियों के कारण वे एक-दूसरे के करीब आ गईं।


शराबी पतियों की घरेलू हिंसा से प्रताड़ित थी दोनों महिलाएं

समाज को पीछे छोड़ शादी करने वाली दोनों महिलाओं को अपने शराबी जीवनसाथियों के हाथों घरेलू हिंसा सहनी पड़ी। मंदिर में गुंजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई, कविता को सिंदूर लगाया और उन्होंने सात फेरे पूरे किए। महिलाओं ने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई। दोनों महिलाओं के समलैंगिक विवाह के बारे में सुनकर उनके पति और घर वाले काफी परेशान हैं। जब दोनों मंदिर मे शादी की तो उन्हें देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। सभी लोग इन्हे आश्चर्य भरे नजरों से देख रहे थे।


शादी के बाद गोरखपुर में जोड़े के रूप में रहेंगी दोनों महिलाएं

गुंजा ने कहा, 'हम अपने पतियों के शराब पीने और उनके द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से परेशान थे। इसने हमें शांति और प्रेम का जीवन चुनने के लिए मजबूर किया। हमने गोरखपुर में एक जोड़े के रूप में रहने और जीवनयापन के लिए काम करने का फैसला किया है।' मंदिर के पुजारी उमा शंकर पांडे ने कहा कि महिलाओं ने माला और सिंदूर खरीदा, अनुष्ठान किया।

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Published By :
Ravindra Singh
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