UGC नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे, तो यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर की आई पहली प्रतिक्रिया, कहा- मैंने उसी दिन कह दिया था कि...
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाने पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की पहली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि 15 दिन में जो रिपोर्ट आएगी और संशोधन करना होगा कर लिया जाएगा।
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यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों का भारी विरोध जारी है। इस बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने UGC के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स में इक्विटी को बढ़ावा देने के रेगुलेशन, 2026 पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि नए नियम पहली नजर में साफ नहीं हैं। उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है और अगर उन्हें मौजूदा रूप में लागू होने दिया गया तो उनके दूरगामी नतीजे हो सकते हैं। अब कोर्ट के फैसले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आई है।
CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने आदेश दिया कि जब तक केंद्र उन्हें फिर से तैयार नहीं कर लेता, तब तक ये रेगुलेशन रोक दिए जाएंगे। साथ ही, 2012 के UGC रेगुलेशन को इस बीच लागू रहने का निर्देश दिया। कोर्ट ने संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया ताकि यह पक्का किया जा सके कि पिछड़े समुदायों के छात्रों के लिए मौजूदा शिकायत निवारण सिस्टम खत्म न हो।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा सबके लिए खुला है-ओम प्रकाश राजभर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाने पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “जिस दिन से UGC आया मैं उसी दिन से कह रहा था कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है आप जाओ न्याय मिलेगा। सरकार ने कहा कि कमेटी बना देते हैं, 15 दिन में जो रिपोर्ट आएगी और संशोधन करना होगा कर लिया जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बात को माना और रोक लगाई है। आगे सुनवाई होगी।”
दोषी ना बचे और निर्दोष के साथ अन्याय ना हो-अखिलेश
वहीं, कोर्ट के फैसले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "UGC के मामले में जो बातें निकलकर आ रही हैं, हमारा मानना है कि दोषी ना बचे और निर्दोष के साथ अन्याय ना हो। इससे पहले भी 2012 में रेगुलेशन आए थे। हमारा संविधान कहता है कि हम कहीं भेदभाव नहीं कर सकते हैं। हमारे तमाम कानूनों के बावजूद समय-समय पर भेदभाव होता है।"
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केंद्र सरकार रखेगी अपना पक्ष-JDU
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC रेगुलेशन 2026 पर रोक लगाए जाने पर कहा, "यह न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है और उन्होंने रोक लगाई है। जहां तक केंद्र सरकार से जानकारी मांगने का सवाल है तो केंद्र सरकार अपने हलफनामे के जरिए सभी तथ्यों पर सरकार का पक्ष रखेगी।"
13 जनवरी 2026 को हुआ था नोटिफाई
13 जनवरी को अधिसूचित नए UGC रेगुलेशन को कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन करने वाला बताते हुए चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि 2026 का ढांचा मनमाना, भेदभावपूर्ण था और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता था, जो कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है।