'अयोध्या को बदनाम किया, दान की चोरी करना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि...,' राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बोले सपा सांसद अवधेश प्रसाद

Ram Mandir Donation Theft: समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित गबन को एक गंभीर अपराध बताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे चोरी नहीं, बल्कि 'ड़कौती' करार दिया है।

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SP MP Awadhesh Prasad Over Ram Mandir Donation Theft
'अयोध्या को बदनाम किया': दान की चोरी पर अवधेश प्रसाद का बड़ा बयान | Image: ANI

Ram Mandir Donation Theft: समाजवादी पार्टी के नेता और अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित गबन को एक गंभीर अपराध बताते हुए इसे "डकैती" करार दिया है और दोषियों को दंडित करने के लिए विशेष कानूनों की मांग की। अवधेश प्रसाद ने कहा कि इस घटना ने मंदिर की पवित्रता को धूमिल किया है और उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी सजा और विशेष कानूनों की मांग की है।

दान की चोरी करना सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि...-अवधेश प्रसाद

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा 'इस्तीफों का कोई मतलब नहीं है। राम मंदिर से प्रसाद चुराना सिर्फ चोरी नहीं है, बल्कि 'डकैती' है। इस घटना ने भगवान राम के मंदिर की पवित्रता को धूमिल किया है और अयोध्या के लोगों की छवि को भी कलंकित किया है।'

दोषियों के लिए विशेष कानून बनाया जाए

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस घटना ने मंदिर की पवित्रता को धूमिल किया है और उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी सजा और विशेष कानूनों की मांग की है। उन्होंने आगे कहा 'जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उनके लिए सामान्य सजा काफी नहीं होगी। उन्हें दंडित करने के लिए विशेष कानून बनाए जाने चाहिए। ताकि इतिहास इसे भगवान राम के मंदिर में हुई 'डकैती' के मामले के रूप में याद रखे।'

चढ़ावा चोरी पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी

सपा सांसद अवधेश प्रसाद का यह बयान उस समय आया है, जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की उच्च स्तरीय बैठक के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। मंदिर के चंदे में कथित गबन की चल रही जांच के बीच बोर्ड ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दी।

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उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले राम मंदिर दान मामले में अनियमितताओं से संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था, जिसके बाद जांच के तहत आठ गिरफ्तारियां की गईं।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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