UP: 'रावण' ने 'राम' पर दर्ज करवाया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा, रामलीला में राम के तीर से फूटी रावण का किरदार निभा रहे कलाकार की आंख

सोनभद्र जिले के खैरा गांव में 13 नवंबर 2025 को रामलीला के दौरान राम का किरदार निभा रहे नैतिक पांडेय का तीर चूककर रावण बने सुनील कुमार की आंख में लगा, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। पीड़ित ने साजिश, जातिसूचक गाली और धमकी का आरोप लगाया है।

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sonbhadra Ramlila actor playing Ravana role got his eye pierced by Ram arrow
'रावण' ने 'राम' पर दर्ज करवाया SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा | Image: VIdeo Grab

Sonbhadra News : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 'रावण' ने 'राम' पर SC-ST का मुकदमा लिखवाया है। ये चौंकाने वाला मामला रामलीला के मंच पर हुए राम-रावण युद्ध जुड़ा है। श्रीराम के किरदार से चला तीर रावण बने कलाकार की आंख में जा धंसा और उसकी जिंदगी हमेशा के लिए अंधेरे में चली गई। रामलीला मंचन के दौरान हुई इस दुखद घटना ने अब कानूनी रूप ले लिया है।

ये पूरा मामला शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव का है, जहां 13 नवंबर 2025 की देर रात रामलीला में राम-रावण युद्ध चल रहा था। इस दौरान राम का किरदार निभा रहे नैतिक पांडेय द्वारा रावण के मुकुट को गिराने के लिए तीर चलाया गया, लेकिन वो निशाने से चूक गया और सीधे रावण का किरदार निभा रहे सुनील कुमार की आंख में जा लगा।

एक आंख की चली गई रोशनी

इस हादसे के बाद सुनील कुमार तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में वाराणसी रेफर किया गया, जहां उनका इलाज अभी भी जारी है। सुनील कुमार की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। आरोप है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने इलाज के खर्च और सहयोग की मांग की, लेकिन आयोजक रामसनेही सिंह और कलाकार नैतिक पांडेय ने जिम्मेदारी से इनकार कर दिया। सुनील कुमार के अनुसार, इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा

सुनील कुमार अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से हैं। उनके भाई शिवम लाल और खुद सुनील ने शाहगंज पुलिस में तहरीर दी, जिसमें हादसे को जानबूझकर साजिश बताया गया। पुलिस ने 28 जनवरी 2026 को नैतिक पांडेय और रामसनेही सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

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सीओ घोरावल राहुल पांडेय के अनुसार, यह एक दुर्घटना लगती है, जहां तीर मुकुट गिराने के लिए चलाया गया था, लेकिन निशाना चूक गया। शुरुआत में कमेटी ने इलाज में कुछ सहयोग किया था, लेकिन पीड़ित संतुष्ट नहीं हुए, जिसके बाद केस दर्ज हुआ।

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Published By:
 Sagar Singh
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