अपडेटेड 17 November 2025 at 08:50 IST
400 फीट गहरा गड्ढा, खदान में पानी... 14 मजदूरों को बचाने के लिए 35 घंटे से जुटी है रेस्क्यू टीम, जानिए सोनभद्र में कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा
Sonbhadra Mine Collapsed: सोनभद्र हादसे को 35 से ज्यादा घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब भी रेस्क्यू टीम के हाथ खाली हैं। हादसे में पांच शव बरामद हुए हैं और 12-14 मजदूरों के फंसे होने की आशंका हैं। घटना को लेकर खनन मालिक समेत तीन पर FIR भी दर्ज हुई।
- भारत
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Rescue team has been working for 35 hours to save 14 laborers in Sonbhadra. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शनिवार (15 नवंबर) खदान धंसने से हुए हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। घटना को 35 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अबतक सभी मजदूरों को निकाला नहीं जा सका है। इस हादसे में अबतक पांच मजूदरों की मौत हुई है और कई अब भी फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच मामले में एक्शन लेते हुए खनन कंपनी के मालिक सहित 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।
यह हादसा ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुआ, जहां शनिवार दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच पत्थर खदान में ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग के दौरान अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह गया।
कैसे हुआ ये हादसा?
जानकारी के अनुसार कृष्णा माइनिंग स्टोन की खदान में 9 कंप्रेशर पर कई मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ का हिस्सा टूट गया। इस दौरान कई मजदूर अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग खड़े हुए, तो कुछ दब गए। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली पुलिस मौके पर पहुंची और वहां बुलडोजर और क्रेन मंगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू में आ रही क्या समस्याएं?
शनिवार रात से लेकर मलबा हटाने का काम लगातार जारी है, लेकिन अबतक टीमों को स्पॉट तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई है। सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि खदान की गहराई और टूटती चट्टानों के खतरे की वजह से बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि खदान में भरा पानी और रास्ता ठीक न होने से भी रेस्क्यू में समस्या आ रही है।
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अबतक 3 की मौत, कई मजदूर दबे
सोनभद्र हादसे में अबतक पांच मजदूरों के शव मिले हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान चार शव रात्रि में निकाले गए। पुलिस के अनुसार अब तक मृतकों संख्या पांच हो गई। वहीं, करीब 12 से 14 मजदूर अब भी फंसे हैं। जहां ये हादसा हुआ, वो खदान 400 फीट गहरी राशपहरी पहाड़ी पर स्थित है, जो मेसर्स कृष्णा माइनिंग कंपनी को आवंटित थी।
हादसे को लेकर डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि चट्टान को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में हमारे प्रयास सफल होंगे। इस चट्टान का वजन लगभग 70-75 टन है और इसे हटाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 17 November 2025 at 08:26 IST