राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच वाली याचिकाओं पर सुनवाई, CJI वाली बेंच लिस्टेड
Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। सुनवाई के लिए 3 जजों की बेंच लिस्टेड हैं।
- भारत
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Ram Mandir Donation Theft Case: सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई (सोमवार) को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग की स्वतंत्र, कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्टेड हैं। CJI के अलावा, दो अन्य जज इस सुनवाई के लिए लिस्टेड हैं।
SC में कौन से जज करेंगे सुनवाई?
राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के तीन 3 जजों की बेंच मामले पर सुनवाई करेगी। याचिकाएं चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के अलावा, जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना शामिल हैं।
ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने क्या कहा?
इस बीच, श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने उन खबरों को गलत बताया है कि ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के VIP दर्शन पास ID ब्लॉक कर दिए हैं और कन्फर्म किया है कि चंपत राय की ID का इस्तेमाल करके पास जारी किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा, "अभी कोई दिक्कत नहीं है। यह अभी भी लागू है। मेरे पास इसके अलावा कोई डिटेल्स नहीं हैं। मौजूदा सिस्टम अभी भी जारी है।"
आगे उन्होंने कहा "हमें राम लला पर भरोसा है, और मुख्यमंत्री और प्रशासन पूरी तरह से जागरूक और शामिल हैं। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है; वे अपना काम कर रहे हैं। वे हर तरह से चोरों को पकड़ेंगे और उन्हें सजा भी देंगे।'
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SIT ने शुरुआती जांच में क्या खुलासे किए?
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में अयोध्या में राम मंदिर के काउंटिंग रूम में गंभीर सिक्योरिटी चूक की ओर इशारा किया गया है। इसमें कहा गया है कि यहां के स्टाफ ने कथित तौर पर अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और दूसरे निजी सामान में कैश की गड्डियां छिपाई थीं। इससे पता चलता है कि यह चोरी "सिस्टेमैटिक" थी और बार-बार हुई, न कि कोई अलग-अलग घटनाएं थीं।
SIT के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच देखे गए CCTV फुटेज में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं, जिनमें गिनती करने वाले कर्मचारी कथित तौर पर कैश के बंडल छिपाते हुए देखे गए।
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SIT की शुरुआती जांच में सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में कमी की ओर इशारा किया गया। इसमें कहा गया कि "काउंटिंग हॉल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर स्टाफ की कोई तलाशी नहीं ली गई, साथ ही कर्मचारियों के अंदर और बाहर ले जाए जाने वाले निजी सामान पर भी ठीक से ध्यान नहीं दिया गया।
अखिलेश- CM योगी आमने-सामने
राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी को लेकर समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव समेत विपक्ष के नेताओं ने राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। वहीं, CM आदित्यनाथ ने बार-बार वादा किया है कि मंदिर के लिए रखे गए पैसे का गलत इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।