Sambhal: सर्वे टीम कब आई, हिंसा कहां से शुरू हुई, संभल पुलिस ने सब किया दर्ज; रिपोर्ट सरकार को सौंपी
सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में संभल पुलिस ने सरकार को पूरी डिटेल के साथ ये बताया है कि सर्वे की टीम कब आई और उसके बाद हिंसा कहां से और किस समय शुरू हुई।
- भारत
- 3 min read

Sambhal Violence: संभल में हिंसा कहां से शुरू हुई, किस समय दंगा भड़का, कितने लोगों की भीड़ मौजूद थी? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब हर कोई जानना चाहता है। हालांकि संभल पुलिस और प्रशासन ने ऐसे ही सवालों को लेकर एक पूरी रिपोर्ट तैयार की है, जो फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी गई है।
सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में संभल पुलिस और जिला प्रशासन ने सरकार को पूरी डिटेल के साथ ये बताया है कि सर्वे की टीम कब आई और उसके बाद हिंसा कहां से और किस समय शुरू हुई। संभल पुलिस और जिला प्रशासन की रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि हिंसा के समय कितने लोगों की भीड़ मौके पर मौजूद थी और पत्थरबाजी के साथ हिंसा कैसे शुरू हुई। इसके यूपी सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में हिंसक भीड़ पर पुलिस एक्शन के बारे में भी बताया गया है।
सरकार को पुलिस एक्शन के बारे में भी दी गई जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, संभल पुलिस और प्रशासन ने राज्य सरकार को आगे की कार्रवाई, पुलिस जांच और पुलिस के एक्शन की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी है। यूपी सरकार को भेजी गई इस रिपोर्ट पर संभल के DM राजेंद्र पेंसियां और SP कृष्ण बिश्नोई के हस्ताक्षर हैं।
संभल में 74 नकाबपोश दंगाइयों की पहचान हुई
इधर, पुलिस अपनी कार्रवाई भी जारी रखे हुए है। बताया जाता है कि 74 नकाबपोश दंगाइयों की पहचान कर ली गई है और सभी को पकड़ने का एक्शन प्लान तैयार हो रहा है। 7 एफआईआर हैं, जिनमें 22 नामजद व्यक्ति शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे पर भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ अज्ञात में भी FIR दर्ज की है। आरोप है कि सांसद और विधायक के बेटे ने 19 नवंबर को सर्वे में बाधा डालकर भड़काने के बयान दिए थे, इनको जल्द जांच में शामिल कराया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक अब तक 25 पुरुषों और 2 महिलाओं सहित 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Advertisement
संभल में तीसरे दिन भी इंटरनेट बंद
फिलहाल संभल में भी हिंसा के तीसरे दिन हालात ठीक से पटरी पर नहीं लौटे हैं। सुरक्षाकर्मियों को जगह-जगह तैनाती है। क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी बताते हैं कि क्षेत्र में इंटरनेट बंद रहेगा, जबकि अन्य सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, क्योंकि स्थिति सामान्य हो गई है। रविवार को संभल जिले में हुई घटना के बाद पुलिस ने एहतियातन इंटरनेट बंद करने का आह्वान किया था।
यह भी पढ़ें: चेहरे पर नकाब, 18-20 साल के लड़के और ताबड़तोड़ पत्थरबाजी... संभल हिंसा का पहला वीडियो आया सामने