राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर मायावती की आई पहली प्रतिक्रिया, कहा- 'ऐसे लोग बख्शे नहीं जाने चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण...', अखिलेश पर निशाना?
Ram Mandir Donation: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रह दिन सियासी हलचल देखने को मिल रही है। इस बीच यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी प्रमुख मायावती की तीखी प्रक्रिया आई हैं। उन्होंने इस मामले को 'बेहद गंभीर और चिंताजनक' बताया है।
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Ram Mandir Donation: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 30 जून, मंगलवार को अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य "बेहद गंभीर" हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
एक्स पर एक पोस्ट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के खिलाफ भी चेतावनी दी और देश भर के अन्य प्रमुख मंदिरों में अपनाई जाने वाली प्रणाली के समान मंदिर में चढ़ावे के लिए एक पारदर्शी प्रणाली अपनाने का भी आह्वान किया।
आरोपियों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए- मायावती
एक्स पर पोस्ट करते हुए मायावती ने लिखा 'अयोध्या के श्री राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी , गबन और हेराफेरी, और इस तरह के कृत्यों के बारे में मीडिया में दिन-प्रतिदिन सामने आने वाली तरह-तरह की रिपोर्टें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी सही नहीं है।'
मजबूत लेखा प्रणाली समय की आवश्यकता
मायावती ने राम मंदिर चढ़ावे को लेकर एक मजबूत लेखा प्रणाली बनाने की भी मांग की। इस संदर्भ में एक्स पर लिखा 'साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि यहां मंदिर में श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए चढ़ावों के संबंध में आगे कोई शिकायत न उठे, यह उचित होगा कि देश भर के अन्य प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित मंदिरों में चढ़ावों और इसी तरह के खातों के रखरखाव के लिए मौजूद प्रणालियों का अनुकरण करके इस मुद्दे को तुरंत हल किया जाए।"
धर्म का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए
उन्हें आगे कहा कि 'इतना ही नहीं बल्कि देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा, ऐसी बी.एस.पी. की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में सलाह और साथ ही देशवासियों से भी यह अपील।' माना जा रहा है कि धर्म का राजनीतिकरण न होने को लेकर मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
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सभी आरोपी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में
गौरतलब है कि सोमवार को अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने कथित दान घोटाले के सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत का यह फैसला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं और धन एवं चढ़ावे के दुरुपयोग की रिपोर्टों की उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई गहन जांच के बाद आया है।
वहीं, इस मामले ने उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक खींचतान छेड़ दिया है, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल मंदिर के वित्त प्रबंधन को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, जबकि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच जारी है।