अपडेटेड 27 March 2026 at 12:47 IST
Ayodhya: रामनवमी पर रामलला का हुआ सूर्य तिलक, जगमगाया ललाट, PM मोदी ने भी देखा भव्य और दिव्य नजारा
Ram navami 2026: रामनवमी के अवसर पर राम मंदिर में रामलला का सूर्य तिलक हुआ। ठीक 12 बजे सूर्य की किरणें दर्पण और लेंस की मदद से रामलला के माथे पर पड़ीं। पीएम मोदी ने भी यह भव्य और दिव्य नजारा देखा।
- भारत
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Ayodhya Ram Lalla Surya Tilak: पूरे देश में भगवान राम के जन्मोत्सव की धूम है। रामनगरी अयोध्या में हर्षोल्लास से रामनवमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आज (27 मार्च) को रामलला का सूर्य तिलक भी किया गया। इस दौरान राम लला के ललाट पर करीब 4 मिनट 'सूर्य तिलक' जगमगा उठा। ये नजारा बेहद ही भव्य और दिव्य रहा। पीएम मोदी ने भी टीवी पर यह नजारा देखा।
4 मिनट तक रामलला के ललाट पर पड़ीं किरणें
बता दें कि भगवान राम सूर्यवंशी होने के कारण उनके जन्म का समय दोपहर 12 बजे माना जाता है। ऐसे में ठीक इसी समय पर वैज्ञानिक तकनीक (मिरर और लेंस की व्यवस्था) के माध्यम से सूर्य देव की किरणें रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक पड़ीं। यह अनोखा दृश्य राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बना। मंदिर में ‘जय श्रीराम’ के नारों की गूंज सुनने को मिली।
इस खास अवसर पर 14 पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहे और विशेष पूजा की गई। इसके बाद आरती हुई और कुछ समय के लिए रामलला के पट बंद कर दिए गए। अब रामलला को 56 तरह के व्यंजन का भोग लगेगा।
पीएम मोदी ने देखा लाइव टेलीकास्ट
रामलला के सूर्य तिलक का टीवी पर सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देखा। प्रधानमंत्री आवास में बैठे पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर तालियां भी बजाईं।
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क्या है सूर्य तिलक का महत्व?
भगवान श्रीराम का जन्म सूर्यवंश में हुआ था और उनके कुल देवता भी सूर्यदेव ही हैं। शास्त्रों के अनुसार श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था, जब सूर्य अपनी पूर्ण शक्ति में होते हैं। शास्त्रों में सूर्य को जीवन का स्रोत माना जाता है। सूर्य तिलक भगवान राम के सूर्यवंशी होने का प्रतीक है।
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Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 27 March 2026 at 12:28 IST