EXCLUSIVE/ Mahakumbh में कैसे मची भगदड़? चश्मदीद ने रिपब्लिक को बताई पूरी कहानी; अव्यवस्था फैलाने वालों को करारा जवाब
चश्मदीद ने बताया प्रशासन ने चारों तरफ गंगा घाट बना रखे हैं, जहां आप आसानी से स्नान कर सकते हैं लेकिन यहां आए श्रद्धालुओं को सिर्फ संगम में ही स्नान करना होता है
- भारत
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Reality of Mahakumbh Stampede: महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन अचानक मची भगदड़ की वजह से अव्यवस्था फैल गई और अफरा-तफरी मचने से कई लोग घायल हो गए। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती करवाया है। वहीं इस दौरान रिपब्लिक भारत ने महाकुंभ में मौनी अमावस्या की पवित्र तिथि पर स्नान को आए एक श्रद्धालु से बातचीत की। इस श्रद्धालु ने बताया, 'आप लोग इस समय टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया पर महाकुंभ में स्टैंप्ड की न्यूज देख रहे हो ये बिलकुल पूरी तरह से सच है। मैं अपने परिवार के साथ यहां आया हुआ हूं। महाकुंभ में मची भगदड़ के दौरान भीड़ का हिस्सा मैं भी था। भगदड़ से कुछ ही दूरी पर मैं भी अपने परिवार के साथ था।'
महाकुंभ भगदंड में भीड़ का हिस्सा रहे श्रद्धालु ने स्पष्ट रूप से ये बताया कि इस भगदड़ में आयोजकों की कोई गलती नहीं थी। सभी श्रद्धालु स्नान के लिए संगम घाट जाना चाहते थे और इससे अव्यवस्था हो गई। श्रद्धालु ने आगे बताया, 'अब मैं भी अपने परिवार के साथ सुरक्षित अपने आश्रम में आ चुका हूं। इस दौरान तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए मुझे 4 घंटे लगे हैं। इसमें मैं प्रशासन की कोई गलती नहीं मानता हूं क्योंकि प्रशासन ने चारों तरफ गंगा घाट बना रखे हैं, जहां आप आसानी से स्नान कर सकते हैं लेकिन यहां आए श्रद्धालुओं को सिर्फ संगम में ही स्नान करना होता है यही वजह है कि यहां पर भगदड़ मची। फिलहाल अभी अखाड़ों का स्नान रद्द कर दिया गया था थोड़ी देर के लिए जबकि श्रद्धालुओं का स्नान जारी है और अभी पूरा दिन बाकी है स्नान के लिए।'
CM योगी ने की महाकुंभ में भगदड़ पर बैठक, DGP प्रशांत कुमार भी शामिल
वहीं महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के डीजीपी प्रशांत कुमार के साथ मिलकर बैठक की और भगदड़ मचने की वजह पर जायजा लिया। CM योगी ने भगदड़ पर महाकुंभ मेला अधिकारी से रिपोर्ट तलब की। मेला अधिकारी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को मेले में मची भगदड़ की रिपोर्ट पर ब्रीफ किया अब ये रिपोर्ट सीएम योगी के सामने पेश की जाएगी। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम घाटों पर अमृत स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मौनी अमावस्या, जो दूसरे शाही स्नान का दिन है, उसमें 80-100 मिलियन लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद पहले से थी। हालांकि भगदड़ उस समय होने लगी जब श्रद्धालु संगम घाट जाना चाहते थे।
अफवाहों पर ध्यान मत दें... सीएम योगी की श्रद्धालुओं से अपील
मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं से अपील की, मां गंगा के जिस घाट के जो समीप है, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मौनी अमावस्या पर दूसरे अमृत स्नान के लिए बड़ी संख्या में लोग संगम नोज पर जुटे थे। इसी दौरान कथित दौर पर एक अफवाह फैली और फिर लोगों में संगम घाट पर पहुंचने की होड़ मच गई और इस दौरान भगदड़ मच गई। हादसे बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए। इस हादसे के बाद CM योगी ने संगम आने वाले श्रद्धालुओं से खास अपील की है।