'अखिलेश ने आजम खान को फंसाने की साजिश रची, अगर सरकारी जमीन...', जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर बोले ओपी राजभर, कहा- अब बुलडोजर तो चलेगा
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय विवाद पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने अखिलेश यादव पर साजिश के तहत आजम खान को फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।
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समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर साजिश के तहत आजम खान को फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। आईए जानते हैं राजभर ने क्या कहा...
जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर ओपी राजभर ने X पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है, प्रिय अखिलेश जी, जौहर यूनिवर्सिटी पर कानून अपना काम कर रहा है तो उम्मीद है आप बेचैन जरूर होंगे। हैं ना? सच सच बताइए? जिस जौहर यूनिवर्सिटी को आपकी सरकार में बनाया गया, उसमें अरबों रुपए और जमीन किसकी थी?
कार्रवाई पर अखिलेश बेचैन क्यों?
सरकार की, अवैध यूनिवर्सिटी किसने खड़ी की? आजम खान ने। संसाधन किसका लगा? सरकार का। ट्रस्ट किसने बनाया? आजम खान ने। टैक्स किसने दिया? हिंदुओं ने। नौकरी किसको मिली? आजम खान के रिश्तेदारों को। आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आपके सैफई परिवार के साथ मिलकर जो जौहर दिखाया है- उस पर किसी को भी शर्म आ जाए। अब कार्रवाई हो रही है बेचैनी क्यों बढ़ रही है?
यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर तो चलकर रहेगा-राजभर
सुनिए, ये डबल इंजन की सरकार है, अवैध इमारतों पर बुलडोजर तो चलेगा ही। बेचैन मत होइए। पश्चाताप के समय बेचैन नहीं हुआ जाता, आत्मग्लानि महसूस करनी चाहिए। इसीलिए हमारे पुरख़ों ने कहा है, “जैसी करनी, वैसी भरनी”। जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव।
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अखिलेश ने राजभर को साजिश के तहत फसाया-राजभर
वहीं,न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में जौहर विश्वविद्यालय विवाद पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "जमीन यूनिवर्सिटी के नाम कर देनी चाहिए था। लेकिन उन्होंने(अखिलेश यादव) ऐसा नहीं किया बल्कि भविष्य में आजम खान को फसाने की साजिश रची। उसी के शिकार आजम खान हो रहे हैं। अगर वो सरकारी जमीन कागज पर ठीक करा दिए होते तो आज ये नौबत नहीं आती।"
क्या है जौहर यूनिवर्सिटी विवाद?
बता दें कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बनी कुल 40 इमारतों की जांच की। जांच में सामने आया कि इनमें से 40 में से 38 कमरे बिना स्वीकृत नक्शे का बना है। जिसके बाद इसे गिराने के आदेश जारी किया गया है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर एक सड़क पर बोर्ड लगाकर इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए सार्वजनिक रास्ता घोषित कर दिया है।