ओपी राजभर ने उत्तर प्रदेश के बंटवारे का फिर अलापा राग, कहा- जब भी बंटवारा होगा प्रदेश का पहला CM राजभर का बेटा ही होगा
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा एक बार फिर दावा किया है कि जब भी यूपी का बंटवारा होगा तो उत्तर प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा होगा।
- भारत
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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में फिर हलचल मचा दी है। राजभर ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश चार भागों में विभाजित होगा और जब भी बंटवारा होगा, तब प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री उनका बेटा बनेगा। राजभर ने यह बयान सबसे पहले देवरिया में आयोजित सामाजिक समरसता रैली के दौरान दिया था। अब बुधवार को जौनपुर में उन्होंने अपने बयान को फिर से दोहराया।
यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "24 साल से हम इस बात को कहते आ रहे हैं। जिस दिन प्रदेश का बंटवारा होगा।पश्चिम के लोग हरित प्रदेश की बात करते हैं, बुंदेलखंड के लोग बुंदेलखंड की बात करते हैं और पूर्वांचल के लोग पूर्वांचल की बात करते हैं। इसी उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड बना है। बिहार से झारखंड बना है।"
राजभर का बेटा बनेगा CM-ओपी राजभर
राजभर ने आगे कहा, "इतना बड़ा प्रदेश है, तो बंटवारा होगा। 5 साल लगे, 10 साल लगे या 20 साल लगे। जब भी प्रदेश का बंटवारा होगा तो उत्तर प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री राजभर का बेटा होगा। पत्रकार ने जब सवाल किया कि इसके मतलब ओपी राजभर होंगे? इसके जवाब में राजभर ने कहा, हम तब रहेंगे कि नहीं रहेंगे क्या पता? राजभर ने बताया कि उन्होंने अपने मेनिफेस्टों में भी पूर्वांचल के लोगों की राय से इस बात को रखा है।"
पूर्वांचल को लेकर कही बड़ी बात
इससे पहले बीते रविवार को ओमप्रकाश राजभर ने देवरिया में सामाजिक समरसता समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विरोधियों पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था, किसी के यहां नौकरी करते हैं और तुलना मालिक से करते हैं। राजभर ने दावा किया कि आने वाले दिनों में प्रदेश चार भागों में बंटेगा। जिस दिन पूर्वांचल अलग होगा, सबसे पहले राजभर समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की बात पहले भी राजनीति में उठती रही है। 2011 में मायावती सरकार ने विधानसभा में प्रदेश को पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिम प्रदेश और अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव पास किया था। बाद में यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था।