फेफड़े में खून का थक्का, दिमाग में सूजन...नोएडा के नामी स्कूल में तनिष्का की मौत; किस ओर इशारा कर रहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर- 31 स्थित एक जाने-माने प्राइवेट स्कूल में 11 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है।
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उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर- 31 स्थित एक जाने-माने प्राइवेट स्कूल में 11 साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बच्ची की मां का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी तनिष्का को 4 सितंबर को टीचर्स डे सेलिब्रेशन के लिए स्कूल ड्रॉप किया था। उनका कहना है कि तनिष्का बिल्कुल ठीक थी। उसकी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। वह शिक्षकों के लिए गिफ्ट और सजावट का सामान लेकर स्कूल गई थी।
बच्ची की मां ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें स्कूल से क्लास टीचर और रिसेप्शन से फोन आया। उन्हें बताया गया कि तनिष्का बेहोश हो गई है और उसे कैलाश अस्पताल ले जाया जा रहा है, आ जाओ। जब अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को मृतावस्था में लाया गया।
तनिष्का का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया सामने
तनिष्का का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गया है। पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण ब्रेन हैमरेज बताया गया है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद विसरा को सुरक्षित कर लिया गया है।
- दिमाग (Head)-पूरे दिमाग की सतह पर सब-अरैक्नॉइड रक्तस्राव (Diffuse Subarachnoid haemorrhage) पाया गया, विशेषकर ब्रेन के बेस (आधार) और ऑक्सिपिटल क्षेत्र (पिछला हिस्सा) में।
- ब्रेन काफी सूजा हुआ (congested & oedematous) पाया गया।
- वेंट्रिकल्स (Brain ventricles) के भीतर खून जमा (intraventricular haematoma) मिला।
- कट सेक्शन पर दोनों तरफ वेंट्रिकल्स में खून के थक्के (blood clots) मिले।
- दांत: 12 / 12 मौजूद।
- हायॉइड हड्डी (Hyoid bone): सलामत।
- फेफड़े (Lungs): दोनों फेफड़े काफी congested (रक्त से भरे) पाए गए।
- दिल (Heart)- दाहिने चैम्बर (Right chambers) खून से भरे मिले। बाएं चैम्बर (Left chambers) खाली मिले।
फेफड़ों में जम गया था खून
मस्तिष्क में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव (हेमरेज) हुआ है, विशेष रूप से ब्रेन के आधार और वेंट्रिकल्स में। यह स्थिति सिर पर गहरी चोट या झटका लगने से हो सकती है। फेफड़ों में भी ब्लड क्लॉट था, जिससे सांस संबंधी समस्या या दम घुटने की संभावना हो सकती है। हायॉइड हड्डी सही होने से गला घोंटे जाने की संभावना नहीं दिखती।