सिचुएशन रिपीट... अतीक के जनाजे में नहीं पहुंची शाइस्ता, अब मुख्तार की बारी, पहुंचेगी आफ्शां अंसारी?

अतीक अहमद-मुख्तार अंसारी दोनों ही गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। अतीक के जनाजे में शाइस्ता परवीन शामिल नहीं हुई। मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी भी फरार है।

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Mukhtar Ansari funeral
अतीक के जनाजे में नहीं पहुंची शाइस्ता, अब मुख्तार की बारी | Image: Republic

Mukhtar Ansari Death News : माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी का शव लेकर 26 गाड़ियों का काफिला गाजीपुर की तरफ बढ़ रहा है। इस काफिले में मुख्तार के वकील नसीम हैदर, छोटा बेटा उमर अंसारी, बहू निकहत अंसारी और दो चचेरे भाई हैं। शव के साथ एंबुलेंस में उमर अंसारी, निकहत अंसारी और दोनों चचेरे भाई बैठे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस अधिकारियों की 24 गाड़ियां काफिले में हैं और दो गाड़ियां अंसारी के परिवार की हैं। शनिवार सुबह 10 बजे मुख्तार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के निधन पर उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा कि 'परिवार को काफी देरी से शव मिला है। इसलिए शुक्रवार रात को मिट्टी देना  संभव नहीं है। शनिवार सुबह सुबह सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।' मुख्तार के शव को सुबह 8 बजे लोगों के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सुबह 9:30 बजे कब्रिस्तान के लिए लेकर निकलेंगे। मुख्तार अंसारी का बड़ा बेटा जेल में है और पत्नी आफ्शां अंसारी फरार है। दोनों का सुपुर्द-ए-खाक में पहुंचना मुश्किल है।

2 माफिया, हालात एक जैसे

उत्तर प्रदेश में एक था अतीक अहमद और एक था मुख्तार अंसारी। अब दोनों ही गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। दोनों डॉन की कहानी भी एक जैसे ही लगती है। यहां खास बात ये है कि अतीक के जनाजे में उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन शामिल नहीं हुई थी। अतीक की पत्नी शाइस्ता अभी तक फरार है। मुख्तार अंसारी के जनाजे में उसकी पत्नी का शामिल होना भी मुश्किल है। मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी भी फरार है।

शाइस्ता परवीन और आफ्शां अंसारी में एक समानता ये भी है कि दोनों के ऊपर 50-50 हजार का इनाम घोषित है। शाइस्ता परवीन पर 6 केस दर्ज हैं और आफ्शां अंसारी पर 13 मुकदमे दर्ज है।

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15 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम

साल 1963 में एक प्रभावशाली परिवार में जन्मे मुख्तार अंसारी ने राज्य में पनप रहे सरकारी ठेका माफियाओं में खुदको और अपने गिरोह को स्थापित करने के लिए अपराध की दुनिया में प्रवेश किया। साल 1978 की शुरुआत में महज 15 साल की उम्र में अंसारी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। अंसारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत गाजीपुर के सैदपुर थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। अगले एक दशक में वह अपराध की दुनिया में कदम जमा चुका था और उसके खिलाफ जघन्य अपराध के तहत कम से कम 14 और मामले दर्ज हो चुके थे।

19 साल से जेल में था मुख्तार

मुख्तार पिछले 19 सालों से उत्तर प्रदेश और पंजाब की अलग-अलग जेलों में बंद रहा। साल 2005 से जेल में रहते हुए उसके खिलाफ हत्या और गैंगस्टर अधिनियम के तहत 28 मामले दर्ज थे और सितंबर 2022 से आठ आपराधिक मामलों में उसे दोषी ठहराया गया था। फिलहाल मुख्तार अंसारी पर अलग-अलग अदालतों में 21 मुकदमे लंबित थे।

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Published By:
 Sagar Singh
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