Milkipur By Election: मंदिर में पूजा पाठ, डिंपल यादव का रोड शो; सपा की सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए मिल्कीपुर उपचुनाव फतह की तैयारी

मिल्कीपुर में गुरुवार को डिंपल यादव का कार्यक्रम रखा गया। अखिलेश यादव का भी यहां चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कार्यक्रम तय बताया जाता है।

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dimple yadav milkipur
dimple yadav milkipur | Image: X

Milkipur By Election: मिल्कीपुर में उपचुनाव नजदीक आने के साथ समाजवादी पार्टी हिंदुत्व की राह चल पड़ी है। उपचुनाव से पहले अखिलेश यादव महाकुंभ जाकर सॉफ्ट हिंदुत्व का रास्ता बना चुके थे। फिलहाल उसी रास्ते के सहारे अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव मिल्कीपुर उपचुनाव में प्रचार करने उतरी हैं। इससे यही माना जा सकता है कि सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए समाजवादी पार्टी मिल्कीपुर उपचुनाव फतह करने की तैयारी कर चुकी है।

मिल्कीपुर में गुरुवार को डिंपल यादव का कार्यक्रम रखा गया। अखिलेश यादव का भी यहां चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कार्यक्रम तय बताया जाता है। फिलहाल गुरुवार को डिंपल यादव ने मोर्चा संभाला। हालांकि उन्होंने यहां हिंदुत्व का ध्यान रखते हुए महर्षि बामदेव आश्रम मंदिर में पूजा पाठ और दर्शन के साथ प्रचार शुरू किया। महर्षि बामदेव आश्रम मंदिर में डिंपल यादव के पूजा पाठ करने की तस्वीरें सामने आईं। उसके बाद ही समाजवादी पार्टी की तरफ से रोड शो की तस्वीरें भी साझा की गईं।

मंदिर में पूजा के बाद डिंपल यादव ने किया रोड शो

लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने मंदिर में पूजा के बाद मिल्कीपुर विधानसभा में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद के समर्थन में रोड शो किया है। अजित प्रसाद अखिलेश यादव के सबसे करीबी नेता अवधेश प्रसाद के बेटे हैं। डिंपल यादव ने मिल्कीपुर उपचुनाव में जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की बहुत अच्छी जीत होगी। डिंपल यादव ने बयान में कहा, 'चुनाव अच्छे चल रहे हैं और समाजवादी पार्टी मिल्कीपुर चुनाव में भारी अंतर से जीतने जा रही है। मैं ये नहीं कह सकती कि हमें कितने वोट मिलेंगे, लेकिन ये एक बड़ी जीत होगी। यह जीत मिल्कीपुर से पूरे प्रदेश और देश में एक मजबूत संदेश देगी।'

मिल्कीपुर में कौन सी जाति गेमचेंजर?

अयोध्या की मिल्कीपुर सीट हिंदू बाहुल्य सीट है, जिसमें कोरी, जाटव और धोबी समेत अन्य दलित समुदायों की अच्छी खासी आबादी है। मिल्कीपुर में साढ़े 3 लाख से अधिक पात्र मतदाता हैं, जिन्हें जातीय स्तर पर समझा जाए तो सवा लाख के आसपास दलित मतदाता हैं। ओबीसी वोटर्स दूसरे नंबर पर आते हैं, जिनमें यादव सबसे प्रभावी हैं। उसके अलावा 60 हजार के करीब ब्राह्मण और 25 हजार के करीब ठाकुर बताए जाते हैं।

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मिल्कीपुर उपचुनाव सपा और बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

मिल्कीपुर उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। 5 फरवरी को मिल्कीपुर उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है, जबकि वोटों की गिनती 8 फरवरी को होगी। इस उपचुनाव के लिए बीजेपी अयोध्या में लोकसभा चुनाव के समय मिली हार का बदला लेना चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी के लिए ये सीट महत्वपूर्ण है कि पिछले विधानसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद ने यहां से पार्टी को जीत दिलाई थी।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड