Milkipur By Election Result: सनातन के गढ़ में हार को मानी ली चुनौती, फिर 8 महीने में CM योगी कैसे बन गए जीत की गारंटी?
मिल्कीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने 61 हजार से अधिक वोट से जीत दर्ज की है। उपचुनाव में योगी आदित्यनाथ के सामने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के हथियार कुंद पड़ गए।
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Milkipur By Election Result: मिल्कीपुर में भारतीय जनता पार्टी के सनातन का झंडा फहरा है। साथ ही मिल्कीपुर के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल को चुना है। मिल्कीपुर उपचुनाव में योगी आदित्यनाथ के सामने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के सारे हथियार कुंद पड़ गए। सरल शब्दों में कहें तो 'हिंदुत्व', 'कटेंगे तो बंटेंगे' और भारतीय जनता पार्टी के विकास समर्थक दृष्टिकोण का कॉकटेल उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर उपचुनाव में गेम चेंजर साबित हुआ है।
मिल्कीपुर उपचुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान के लिए मिल्कीपुर में रैलियों पर रैली कीं। मुख्यमंत्री के अलावा दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सक्रिय रूप से मिल्कीपुर में उतारे गए। जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौड़ और आयुष मंत्री दयाशंकर सिंह समेत 6 मंत्रियों को रैलियों का जिम्मा दिया गया। इससे स्पष्ट था कि योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर उपचुनाव में कतई हल्के में नहीं लिया।
CM योगी कैसे बन गए जीत की गारंटी?
मिल्कीपुर उपचुनाव भले दूसरे दलों के लिए सिर्फ दिखावे का रहा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के लिए चुनौती था और चुनौती से कहीं ज्यादा साख की लड़ाई थी। वो इसलिए कि कुछ महीनों पहले ही सनातन के गढ़ या यूं कहें रामनगरी अयोध्या में योगी आदित्यनाथ एक बड़ी बाजी हारे थे। ये बाजी लोकसभा चुनाव की थी, जिसमें अयोध्या से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद को जीत मिली। अयोध्या की हार योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के लिए सबसे बड़ा झटका थी, क्योंकि नतीजों से कुछ महीनों पहले ही यहां राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी, जिसका दशकों से अयोध्या समेत पूरे देश इंतजार कर रहा था। खैर, लोकसभा में मिली निराशा को 8 महीने में ही योगी आदित्यनाथ ने जीत की गारंटी में बदल दिया।
मिल्कीपुर में बीजेपी ने गाड़ा भगवा झंडा
मिल्कीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 61 हजार से अधिक वोटों से शानदार जीत दर्ज की है। शुरुआती दौर की मतगणना से ही बीजेपी उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने लगातार बढ़त बनाए रखी, जो दिन चढ़ने के साथ और बढ़ती गई। बीजेपी के चंद्रभानु पासवान का मुकाबला यहां सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद के साथ था। अवधेश प्रसाद के सांसद चुने जाने पर ही मिल्कीपुर में उपचुनाव में जरूरत पड़ी थी। खैर, उपचुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज करने के साथ अयोध्या की हार का हिसाब भी बराबर कर लिया है। वो ऐसे भी कि लोकसभा चुनावों के बाद बीजेपी और उसके सहयोगियों का उपचुनाव में स्कोर 10 में से 8 हो गया है।