अपडेटेड 24 January 2026 at 21:06 IST
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के संगम स्नान विवाद में मायावती की एंट्री, कहा- राजनीति से धर्म को दूर रखें, प्रयागराज विवाद का समाधान...
Mayawati: बसपा सुप्रीमो मायावती ने धार्मिक आयोजनों में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इससे नए-नए विवाद, तनाव और संघर्ष बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज स्नान विवाद इसका ताजा उदाहरण है।
- भारत
- 2 min read

Mayawati on Swami Awimukteshwaranand Controversy: प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच बढ़ा विवाद पर यूपी की सियासत गरमाई हुई है। अब इसमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति के लोगों का अब धर्म के कार्यों में हस्तक्षेप बढ़ गया है, जिससे नए-नए विवाद हो रहे हैं।
'राजनीतिक लोगों का बढ़ रहा हस्तक्षेप, इसलिए…'
बसपा सुप्रीमो ने मायावती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसी भी धर्म के पर्व, त्योहार, पूजापाठ, स्नान आदि में राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप और प्रभाव पिछले कुछ सालों से काफी बढ़ गया है, जो नए-नए विवाद, तनाव और संघर्ष आदि का कारण बन रहा है।"
मायावती ने कहा कि यह सही नहीं है और इन सबको लेकर लोगों में दुख एवं चिंता की लहर स्वाभाविक है।
इससे बचना जरूरी है- मायावती
उन्होंने आगे लिखा, "वास्तव में संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म को राजनीति और राजनीति को धर्म से जोड़ने के कई खतरे हमेशा बने रहते हैं। प्रयागराज में स्नान आदि को लेकर चल रहा विवाद, एक-दूसरे का अनादर व आरोप-प्रत्यारोप इसका ताजा उदाहरण है। इससे हर हाल में जरूर बचा जाना ही बेहतर।"
बसपा प्रमुख ने कहा कि वैसे भी देश का संविधान और कानून ईमानदारी से जनहित व जनकल्याणकारी कर्म को ही वास्तविक राष्ट्रीय धर्म मानकर राजनीति को धर्म से और धर्म को राजनीति से दूर रखता है। इस पर सही नीयत व नीति से अमल हो, जिससे राजनेतागण अपना सही संवैधानिक दायित्व, बिना किसी द्वेष व पक्षपात के सर्वसमाज के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हित में ईमानदारी व निष्ठापूर्वक निभा सकें।
Advertisement
उन्होंने सलाह दी कि प्रयागराज में स्नान को लेकर चल रहा कड़वा विवाद आपसी सहमति से जितना जल्द सुलझ जाए, उतना बेहतर है।
Advertisement
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 24 January 2026 at 21:06 IST