तूफान में 50 फीट ऊपर तक उड़ गए थे बरेली के नन्हे मियां, खौफनाक आपबीती सुनाते हुए कहा- बचने की उम्मीद नहीं थी- VIDEO
'तूफान के कारण 50 फीट ऊपर उड़ा, तो लगा नहीं कि अब जिंदा बच पाऊंगा', ये शब्द टीन शेड के साथ तूफान में उड़े नन्हे मियां के हैं। अब उन्होंने सामने आकर खुद के साथ हुए खौफनाक हादसे की आपबीती बयां की है।
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Nanhe Miyan Swept Away by Storm: बीते दिनों उत्तर प्रदेश के बरेली से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ, जिसमें शख्स टीन शेड के साथ कई फीट ऊपर हवा में उड़ता दिखाई दिया। जमीन पर गिरने के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उनका एक हाथ और पैर टूटा है। अब इसी शख्स ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके साथ क्या-क्या हुआ।
बुधवार (13 मई 2026) को हादसे का शिकार हुए पीड़ित की पहचान भमोरा इलाके के बबियाना गांव निवासी नन्हे मियां के रूप में हुई है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नन्हे मियां ने कहा कि तूफान के कारण 50 फीट ऊपर उड़ा तो लगा नहीं कि अब जिंदा बच पाऊंगा। बाद में पानी से भरे मक्के के खेत में जा गिरा। जब मैं हवा में उड़ रहा था तब अल्लाह को याद कर रहा था, मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं बच पाऊंगा।
नन्हे मियां ने सुनाया खौफनाक मंजर
नन्हे मियां ने कहा, 'मैं एक मजदूर हूं और मैं काम कर रहा था। तभी तूफान आ गया। तूफान से बचने के लिए हम लोहे के पोल की रस्सी पकड़कर खड़े थे। उसी वक्त इतनी तेज हवा आई कि ढांचा हवा में ऊपर उठने लगा। मेरे साथ चार और लोग भी थे। मैंने उनसे कहा, 'मैं इसे नीचे दबाकर रखता हूं, तुम लोग इसे मजबूती से बांध दो। मैंने टीन को पकड़ा हुआ था, तभी तेज हवा में टीन के साथ मैं भी उड़ गया। इस दौरान मैं बस अल्लाह को याद कर रहा था। मैं लगभग 80 फीट दूर मक्के के खेत में जा गिरा। खेत में पानी भरा हुआ था। मैं वहीं कीचड़ में धंस गया।'
हड्डी टूटी, प्लेट लगवानी पड़ी
उन्होंने आगे कहा, 'एक आदमी ने जब देखा तो उसने मुझे अपने कंधे पर उठाकर कीचड़ से बाहर निकाला। इसके बाद उसने मुझे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाया और अपने ले गया। मेरा एक्स-रे हुआ और उसके बाद मुझे बरेली ले जाया गया। मेरी हड्डी टूटी है, जिसके लिए एक मेटल प्लेट लगवानी पड़ी। इसके अलावा मेरे पूरे शरीर पर चोटें आई हैं। जब मैं हवा में उछल रहा था, तब मैं लगातार अल्लाह को याद कर रहा था। मुझे नहीं लगा था कि मैं बच भी पाऊंगा।'
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सरकार से लगाई मदद की गुहार
बकौल नन्हे मियां वह चाहते हैं कि उनकी कहानी MLA तक पहुंचे। वह कहते हैं, 'मुझे अपने छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना है। परिवार में कमाने वाला और कोई नहीं है। मैं बहुत मुश्किल में हूं। मैं तभी दोबारा काम कर पाऊंगा जब मेरी चोटें ठीक होगी। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह मेरी मदद करे।'