Maha Kumbh stampede: CM और अन्य संतों ने की श्रद्धालुओं से नजदीकी घाट पर ही स्नान करने की अपील

Maha Kumbh stampede: मौनी अमावस्या पर मुख्यमंत्री योगी और अन्य संतों ने श्रद्धालुओं से नजदीकी घाट पर ही स्नान करने की अपील की।

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Jay Shah and Amit Shah in Mahakumbh
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | Image: @myogiadityanath-X

Maha Kumbh stampede: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज महाकुंभ में संगम नोज पर भगदड़ मचने की घटना के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य संतों ने श्रद्धालुओं से आत्म अनुशासन बनाए रखने और अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान करने की अपील की है।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक संगम में पवित्र डुबकी की आस लिये महाकुम्भ नगर पहुंचे श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रमुख संतों ने अपील जारी की है।

बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा, 'श्रद्धालुगण मां गंगा के जिस भी घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें। संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गये हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है।'

उन्होंने सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने और मेला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।

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आदित्यनाथ के साथ ही धर्म गुरुओं ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है।

बयान के मुताबिक स्वामी रामभद्राचार्य ने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सभी संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें और निकटतम घाट पर स्नान करें। लोग अपने शिविर से बाहर न निकलें। अपनी और एक दूसरे की सुरक्षा करें।

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उन्होंने वैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख संत की हैसियत से सभी अखाड़ों और श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने का आह्वान किया।

बयान के अनुसार योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, 'करोड़ों श्रद्धालुओं के इस हुजूम को देखते हुए हमने फिलहाल केवल सांकेतिक स्नान किया है। इसके साथ ही समूचे राष्ट्र और विश्व के कल्याण की कामना की गई है।'

उन्होंने सभी से आग्रह किया, ' भक्ति के अतिरेक में न बहें और आत्म अनुशासन का पालन करते हुए सावधानी पूर्वक स्नान करें।'

वहीं, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने भी कहा कि उन्होंने फिलहाल सांकेतिक स्नान किया है।

बयान के मुताबिक अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी ने कहा, 'इस वक्त 12 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में हैं। इतनी बड़ी तादाद में भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। हमारे साथ लाखों की संख्या में संतों का हुजूम है। हमारे लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है।

महाकुंभ में मंगलवार/बुधवार की दरमियानी रात भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। मेले की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने बताया कि संगम नोज पर बैरियर टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

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 Kajal .
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