लखनऊ में 7वीं मंजिल से टूटकर सरसराती हुई नीचे गिरी लिफ्ट, अंदर थे LDA उपाध्यक्ष, बाल-बाल बची जान

Lucknow lift fall Accident: लखनऊ में एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार समेत कई अधिकारी CSI टावर्स की लिफ्ट में फंसे रह गए। इस दौरान लिफ्ट सातवीं मंजिल से अचानक तेजी से नीचे गिरी। जानें सभी अधिकारी बार बार कैसे बचे।

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Lucknow lift fall Accident
लखनऊ में एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार की लिफ्ट सातवीं मंजिल से नीचे गिरी | Image: Representative

Lucknow lift fall Accident: लखनऊ की सीजी सिटी में एक लिफ्ट 7वीं मंजिल से अचानक नीचे गिर गई। CSI टावर्स के बी ब्लॉक में निरीक्षण के दौरान लिफ्ट नीचे गिर गई, उस वक्त लिफ्ट में कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से टल गया। लिफ्ट तेजी से नीचे खिसकी को अधिकारियों की सांसें थम गई।   

लखनऊ विकास प्राधिकरण (Lucknow Development Authority) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सीजी सिटी के CSI टावर्स 'बी' ब्लॉक में निरीक्षण करने गए हुए थे। इस दौरान लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आई, जिससे लिफ्ट तेज झटकों के साथ नीचे खिसक गई। दरवाजा न खुलने की वजह से सभी अधिकारी अंदर ही फंसे रह गए। उस दौरान सभी घबरा गए, क्योंकि लिफ्ट बहुत तेजी से नीचे की तरफ जा रही थी।

कुछ ही सेकेंड में नीचे खिसकी लिफ्ट

लिफ्ट में उस वक्त उपाध्यक्ष के साथ मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवीन कुमार शर्मा सहित बाकी इंजीनियर मौजूद थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से लिफ्ट में मौजूद अधिकारियों की सांसें थम गईं। सातवीं मंजिल से लिफ्ट धरातल की ओर गिरने लगी। कुछ ही सेकंड में लिफ्ट नीचे पहुंच गई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। अधिकारी तभी भी अंदर ही फंसे हुए थे। वहीं बाहर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद तुरंत इंजीनियरों और कर्मचारियों ने आपात प्रयास कर लिफ्ट का दरवाजा खोलना शुरू किया। जिसके बाद दरवाजा खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

नाराज वीसी प्रथमेश ने करवाई FIR

गनीमत रही कि किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। घटना से नाराज एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने लिफ्ट लगाने वाली कंपनी ओटिस और उसकी एजेंसी 'मेसर्स असलम आगा एंड कंपनी' के खिलाफ FIR दर्ज कराने के सख्त निर्देश दिए। जोन-1 के इंजीनियर की ओर से सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली में तहरीर दी गई है। वीसी ने जोन-1 के अधिशासी अभियंता मनीष कुलश्रेष्ठ पर भी नाराजगी जताई है।

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यह घटना लिफ्ट की क्वालिटी, रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सीएसआई टावर्स जैसे बड़े प्रोजेक्ट में ऐसी खराबी होना चिंता का विषय है। इंजीनियरों की भूमिका और विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लखनऊ में पहले भी कई जगहों पर लिफ्ट खराब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार वरिष्ठ अधिकारियों का शामिल होना इसे और गंभीर बनाता है। किसी भी इमारत में लिफ्ट की सुरक्षा की जांच जरूरी है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड