UP News: बरेली में 10 साल की बच्ची की हत्या का मामला, दोषी माता-पिता और बुआ को हुई उम्रकैद की सजा
अगस्त 2020 में अवैध संबंधों को उजागर करने की धमकी देने पर दस साल की किशोरी के माता-पिता और बुआ ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को घर में ही दफना दिया।
- भारत
- 3 min read

Bareilly News: बरेली जिले की एक अदालत ने दस साल की बच्ची की हत्या के दोषी उसके माता-पिता और बुआ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) सचिन कुमार जायसवाल ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जायसवाल ने बताया कि सुनवाई पूरी करने के बाद शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टचार निवारण अदालत संख्या-6) अरविंद कुमार यादव ने तीनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 90 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
हत्या कर शव को घर में दफनाया था
उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 में अवैध संबंधों को उजागर करने की धमकी देने पर दस साल की किशोरी के माता-पिता और बुआ ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को घर में ही दफना दिया। बुआ के बेटे ने आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और अपनी मां और मामा-मामी के विरुद्ध अदालत में गवाही दी।
क्या है पूरा मामला?
जायसवाल ने बताया कि आरोपियों के परिवार में अवैध संबंधों का मामला था और बच्ची हमेशा इसका विरोध करती थी और पूरे प्रकरण का खुलासा करने की धमकी देती थी, इसलिए बच्ची को रास्ते से हटा दिया गया। जायसवाल ने बताया कि वारदात की प्राथमिकी मृतका के फुफेरे भाई 17 वर्षीय सेरामऊ निवासी सूरज ने बरेली जिले के थाना इज्जत नगर में 20 अगस्त 2020 को हत्या समेत संबंधित धाराओं में दर्ज कराई थी।
Advertisement
सूरज ने पुलिस को बताया कि उसकी उम्र करीब 17 वर्ष है और वह बचपन से ही अपने मामा के घर रहता है। सूरज ने यह आरोप लगाया था कि उसके मामा रवि बाबू व उसकी मां राधा देवी व मामी रितु एक कमरे में उसकी ममेरी बहन काजल (10) के शव को गड्ढा खोदकर उसमें दबा रहे थे।
सूरज के मुताबिक, जब उसने पूछा कि काजल को क्या हुआ है? उसे क्यों गड्ढे में दबा रहे हो? इस पर मामा-मामी ने बताया कि तख्त से अचानक गिरने से काजल की मृत्यु हो गई है, इसलिए उसके शव को यहां दबा रहे हैं। मगर इसे बात से सूरज सहमत नहीं हुआ। घटना के तीसरे दिन सूरज इज्जत नगर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी कहानी बताई। उसके शिकायती पत्र के बाद पुलिस ने बच्ची का शव कमरे के अंदर के गड्ढे से बरामद कर लिया।
Advertisement
शरीर पर कई जगह चोट के थे निशान
एडीजीसी सचिन जायसवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि किशोरी की कलाई की हड्डी दो जगह से टूटी थी और उसके शरीर पर चोट के आठ निशान थे।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले में सात गवाह अदालत में पेश हुए और सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को सजा सुनाई गई।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)