महिला से बदसलूकी, शराब मांगने का आरोप और... दो सिपाहियों को रौब दिखाना पड़ा भारी, अब पहुंचे जेल; क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के कसया थाने के दो सिपाहियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। ब्यूटी पार्लर संचालिका ने दोनों सिपाहियों के खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
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पीके विश्वकर्मा
UP News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से खाकी को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कसया थाना क्षेत्र में दो सिपाहियों और उनके एक साथी पर एक ढाबा संचालक और ब्यूटी पार्लर संचालिका ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों की शिकायत पर दोनों सिपाहियों के खिलाफ मारपीट, छेड़छाड़, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों को पहले ही निलंबित कर दिया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
घर से जबरन उठाकर ले गए आरोपी- महिला
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि सोमवार की रात कसया थाने में तैनात दो सिपाही उसके घर पहुंचे। उन्होंने जबरन दरवाजा खुलवाया और विरोध करने पर तोड़फोड़ की। इसके बाद महिला को जबरन गाड़ी में बैठाकर गोरखपुर की ओर ले गए। रास्ते में और एक ढाबे पर उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई। पीड़िता का आरोप है कि भोर में उसे कसया लाकर छोड़ दिया गया। साथ ही किसी से घटना का जिक्र करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। घटना के बाद पीड़िता ने एसपी के जनता दर्शन में पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत की। शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और तत्काल दोनों सिपाहियों को निलंबित करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आई पूरी कहानी
एसपी केशव कुमार ने मामले की जांच सीओ सदर राकेश प्रताप सिंह को सौंपी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों सिपाही सोमवार को एक किशोर को बाल सुरक्षा गृह छोड़ने गए थे। लौटते समय गोरखपुर के माड़ापार क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर शराब की मांग को लेकर ढाबा संचालक से उनका विवाद हुआ। इसके बाद वे कसया लौटे और कथिततौर पर महिला को जबरन अपने साथ ले जाने लगे। बुधवार को सीओ सदर ने कसया थाने पहुंचकर दोनों आरोपित सिपाहियों से पूछताछ की। बाद में पीड़िता को थाने बुलाकर उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। जांच में मिले तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी गोरखपुर शिवमुनि चनप्पा ने एसपी केशव कुमार, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सदर राकेश प्रताप सिंह और सीओ कसया डॉ. अजय कुमार सिंह से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि आरोपित सिपाहियों में महेंद्र कुमार वर्ष 2019 बैच और उमाशंकर यादव वर्ष 2016 बैच के पुलिसकर्मी हैं। महेंद्र वर्ष 2023 से और उमाशंकर वर्ष 2024 से कसया थाने में तैनात थे। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने थाना अभिलेखों, जनसुनवाई रजिस्टर, मिशन शक्ति रजिस्टर, साइबर हेल्प डेस्क सहित अन्य रिकॉर्ड भी देखे।
इसके बाद उन्होंने दोनों आरोपित सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज करते हुए बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। एसपी केशव कुमार ने कहा कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता की शिकायत मिलते ही दोनों सिपाहियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की गई। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।