नए साल से पहले धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर उमड़ा जनसैलाब, रामलला और बाबा विश्वनाथ दर्शन के लिए 2KM लंबी लाइनें और 3KM तक बैरिकेडिंग
साल 2025 के आखिरी दिन और नए साल से पहले देशभर के धार्मिक स्थलों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। भक्तों के दर्शन की बारी घंटों इंतजार के बाद आ रही है।
- भारत
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Devotees Visit Temple: नए साल के आगाज से पहले देशभर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। अयोध्या में रामलला और काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए कई किलोमीटर लंबी कतार लगी है।
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर हालात ऐसे हैं कि भक्तों की 2 किलोमीटर लंबी लाइनें लगी है। बताया जा रहा है कि भारी भीड़ को देखते हुए बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर 3 जनवरी तक के लिए रोक लगाई गई है। रिपोर्ट्स हैं कि शहर के होटल, लॉज और गेस्ट हाउस एकदम फुल हो चुके हैं।
घंटों इंतजार के बाद हो रहे रामलला के दर्शन
बात करें अयोध्या की, तो राम मंदिर में भी दर्शन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। रामलला के दर्शन घंटों इंतजार के बाद हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि रामनगरी अयोध्या के अधिकतर होटल और धर्मशाला भर चुके हैं।
बांके बिहारी के दर्शन को लेकर एडवाइजरी जारी
इसके अलावा साल के आखिरी दिन और नए साल से पहले वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी दर्शनार्थियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। मंदिर प्रशासन और मैनेटमेंट कमेटी कह चुकी है कि 5 जनवरी तक बहुत ज्यादा भीड़ रहने वाली है। ऐसे में जारी की गई एडवाइजरी में बाहर से आने वाले सभी दर्शनार्थी गणों से यात्रा टालने की गुजारिश की गई है। मंदिर प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु 5 जनवरी के बाद ही बांके बिहारी मंदिर के दर्शन की योजना बनाएं।
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मालूम हो कि हर बार इसी तरह दर्शन की चाह में देशभर के मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ता है। अधिक भीड़ होने के चलते ठीक से दर्शन नहीं हो पाते। श्रद्धालुओं को कुछ सेकेंड भी भगवान के सामने हाथ जोड़कर खड़े होने का मौका नहीं मिल पाता। ऐसा माहौल बच्चों, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए असुरक्षित माना जाता है। खैर, अगर आप भी मंदिर दर्शन की योजना बना रहे हैं तो जाने से पहले मंदिर प्रशासन की एडवाइजरी जरूर पढ़ लें।
महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना
नववर्ष की पूर्व संध्या पर लोग अपने आराध्य का आशीर्वाद लेने के लिए अलग-अलग मंदिर पहुंच रहे हैं। नए साल के पहले दिन उज्जैन के महाकाल में 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शन सुरक्षित और सुचारू रूप से हो सकें।