UP: दिल्ली-NCR की तर्ज पर कानपुर बनेगा डिजिटल हब, विकसित करने के लिए जल्द लॉन्च होगा प्रोजेक्ट, रणनीति पर मंथन

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली UP सरकार ने कानपुर को दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर आधुनिक और डिजिटल सिटी के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया है।

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Awanish Awasthi
Awanish Awasthi | Image: X

Kanpur News: उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर अब प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक शक्ति बनने की राह पर है। पहले से ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कार्यक्रम के तहत कानपुर के विकास पर सरकार का फोकस है, जिसका लाभ आसपास के इलाकों को भी मिलेगा। शुक्रवार को कानपुर में इसकी रणनीति पर विस्तार से मंथन हुआ, जिसमें  मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी और आर्थिक सलाहकार केवी राजू मौजूद रहे।

असल में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने कानपुर को दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर आधुनिक और डिजिटल सिटी के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया है। कानपुर रीजन इंटीग्रेटेड डेवलमेंट अथॉरिटी और प्रशासनिक अमला जल्द ही इस प्रोजेक्ट को लॉन्च करने की तैयारी कर चुका है। मंडला आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में शहर के प्रस्तावित विकास कार्य की रूपरेखा पर शुक्रवार की बैठक में चर्चा हुई। बैठक में जिलाधिकारी, मेट्रो और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।

मास्टर प्लान अंतिम चरण में हैं- अवनीश अवस्थी

मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी बताते हैं कि पूरे प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए डिलॉइट को लगाया गया है। डिलॉइट के एक्सपर्ट भी मंडलायुक्त, डीएम, वीसी, मेट्रो और एनएचएआई के साथ बैठक कर इस प्रोजेक्ट को टेकअप कर रहे हैं। इसमें हर क्षेत्र हर सेक्टर का ग्रोथ होना है। इसी कड़ी में स्टेट कैपिटल रीजन बनना है। यहां आकर सीएम ने आदेश दिया था कि कानपुर का भी इंटीग्रेटेड प्लान बनाएं जिसमें सब कुछ हो, जो कानपुर के साथ-साथ सटे हुए अन्य जनपदों के लिए भी लाभदायक हो। क्रीडा प्रोजेक्ट टेकअप हुआ है। मास्टर प्लान अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री ने 50 से 52 मास्टर प्लान अप्रूव किए हैं। 20-22 मास्टर प्लान बचे हुए हैं। जो जल्द पूरे होंगे।

5 साल का पहले चरण में काम शुरू होगा- अवनीश अवस्थी

उन्होंने कहा कि होना चाहिए कि सभी लोगों को जोड़कर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से, जिनमें सभी विभागों, राज्य सरकार के सा थ पूरा एक रीजनल प्लान बनाया जाए, जिसमें हर चीज का एक टाइम बाउंड सोल्युशन रहे। उन्होंने बताया कि ये एक लंबा कार्यक्रम है। सालभर इस प्रोजेक्ट को बनाने में लगता है और 5 साल का पहले चरण में काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि जो भी बनेगा वो 2051 के लिए बनेगा।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड