कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा, 60 हजार लोगों को लगाया चूना; हेल्थ प्रोडक्ट के नाम पर भी फर्जीवाड़ा

कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) की आड़ में चल रहे एक बड़े ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिरामिड चेन सिस्टम के जरिए लोगों को जोड़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई।

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गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट

कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) की आड़ में चल रहे एक बड़े ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिरामिड चेन सिस्टम के जरिए लोगों को जोड़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। इस पूरे नेटवर्क से करीब 60 हजार पीड़ितों के जुड़े होने की बात सामने आई है।

जांच में पता चला कि गिरोह बेरोजगार युवाओं और आम लोगों को आकर्षक कमाई और नौकरी का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करता था।

लोगों को बताया जाता था कि कंपनी से जुड़कर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक कमाए जा सकते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और ज्‍वाइनिंग के नाम पर लोगों से 15 हजार से 30 हजार रुपये तक की रकम वसूली जाती थी। कई मामलों में एक ही व्यक्ति की दो आईडी बनाई जाती थीं और एक आईडी के लिए करीब 12 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। यानी एक व्यक्ति से दो आईडी के नाम पर करीब 24 हजार रुपये तक लिए जाने की बात सामने आई है।

पूरा सिस्टम पिरामिड चेन की तरह काम करता था

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर कानपुर बुलाते थे। यहां उनसे कंपनी से जुड़ने के नाम पर पैसा जमा कराया जाता था और फिर उन्हें नए लोगों को नेटवर्क में जोड़ने के लिए मजबूर किया जाता था। आरोपियों का पूरा सिस्टम पिरामिड चेन की तरह काम करता था, जिसमें पुराने सदस्यों की कमाई नए लोगों को जोड़ने पर निर्भर बताई जाती थी।

इस नेटवर्क में शामिल होने वाले लोगों को पैसे जमा करने के बदले हेल्थ और डेली यूज प्रोडक्ट की किट दी जाती थी। आरोप है कि इनमें कई हेल्थ प्रोडक्ट बिना लाइसेंस और बिना पर्याप्त टेस्टिंग के तैयार किए जा रहे थे। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इन उत्पादों के जरिए लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया गया। यानी इस पूरे मामले में सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि संदिग्ध स्वास्थ्य उत्पादों की बिक्री का एंगल भी सामने आया है।

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हनुमंत विहार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए इस फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर चल रहे इस नेटवर्क से जुड़े 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कंपनी में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर जाल में फंसाते थे। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें सामान्य किट देकर आगे नए सदस्य जोड़ने के लिए कहा जाता था।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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